दिमाग और पूरा नर्वस सिस्टम हिला देती है एक विटामिन की कमी, लक्षणों को गौर करें

punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 07:54 PM (IST)

नारी डेस्कः विटामिन B12 हमारे शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह न केवल खून में रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है बल्कि दिमाग और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। शरीर में इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी रहने से याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है? दरअसल, यह विटामिन नसों के चारों ओर मौजूद सुरक्षात्मक परत को बनाए रखने और दिमाग तक सही तरीके से संदेश पहुंचाने में मदद करता है। इसकी कमी को नजरअंदाज करने पर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी हो सकती हैं।

दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए क्यों जरूरी है विटामिन B12?

विटामिन B12 को कोबालामिन (Cobalamin) भी कहा जाता है। यह पानी में घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को संचालित करने में मदद करता है। खासतौर पर ब्रेन हेल्थ और नर्व फंक्शन के लिए इसकी पर्याप्त मात्रा जरूरी है।

1. नसों की सुरक्षात्मक परत को बनाए रखता है
हमारे दिमाग और शरीर के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान नसों के जरिए होता है। इन नसों के चारों ओर माइलिन शीथ (Myelin Sheath) नाम की एक सुरक्षात्मक परत होती है। विटामिन B12 इस परत को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर माइलिन शीथ को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे नसों के जरिए संदेश पहुंचने की प्रक्रिया धीमी या बाधित हो सकती है।

2. याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में मददगार
विटामिन B12 दिमाग की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को चीजें याद रखने, ध्यान लगाने और निर्णय लेने में परेशानी हो सकती है। गंभीर कमी की स्थिति में भ्रम और मानसिक कार्यक्षमता में बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।

3. होमोसिस्टीन का स्तर नियंत्रित करता है
शरीर में होमोसिस्टीन नाम का एक अमीनो एसिड बनता है। विटामिन B12 इसे मेटाबॉलाइज करने में मदद करता है। B12 की कमी होने पर होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ सकता है। इसका बढ़ा हुआ स्तर रक्त वाहिकाओं को नुकसान और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ा हुआ है। कुछ अध्ययनों में इसे संज्ञानात्मक क्षमता में गिरावट और डिमेंशिया के जोखिम से भी जोड़ा गया है।

4. मूड और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी
विटामिन B12 न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं में मदद करता है। न्यूरोट्रांसमीटर ऐसे केमिकल मैसेंजर होते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं के बीच संदेश पहुंचाते हैं। ये मूड, नींद, एकाग्रता और भावनाओं को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, उदासी और डिप्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
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विटामिन B12 की कमी से दिमाग और नसों में दिखते हैं ये 8 लक्षण

विटामिन B12 की कमी के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ ये गंभीर रूप ले सकते हैं। कई बार लोग इन्हें उम्र बढ़ने, तनाव या थकान का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

याददाश्त कमजोर होना: बार-बार चीजें भूलना, हाल में हुई बातें याद रखने में परेशानी होना।
ब्रेन फॉग (Brain Fog): दिमाग में भारीपन, उलझन या स्पष्ट रूप से सोचने में कठिनाई महसूस होना।
एकाग्रता में कमी: किसी काम, बातचीत या पढ़ाई पर लंबे समय तक ध्यान न लगा पाना।
मूड में बदलाव: बिना किसी स्पष्ट कारण के चिड़चिड़ापन, उदासी, बेचैनी या डिप्रेशन महसूस होना।
हाथ-पैरों में झनझनाहट: उंगलियों, हाथों और पैरों में सुई चुभने या सुन्न होने जैसा एहसास होना।
चलने में परेशानी: शरीर का संतुलन बिगड़ना, लड़खड़ाकर चलना या मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना।
सोचने और निर्णय लेने में परेशानी: किसी बात को समझने, उसका जवाब देने या फैसला लेने में सामान्य से ज्यादा समय लगना।
गंभीर स्थिति में भ्रम: B12 की बहुत अधिक कमी होने पर कुछ लोगों में मानसिक भ्रम और व्यवहार में बदलाव भी दिखाई दे सकते हैं।
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किन लोगों में विटामिन B12 की कमी का खतरा ज्यादा रहता है?

कुछ लोगों में शरीर विटामिन B12 को पर्याप्त मात्रा में अवशोषित नहीं कर पाता। वहीं, कुछ लोगों की डाइट में इसकी मात्रा कम होती है।
शाकाहारी और वीगन लोग: विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसलिए दूध, दही, पनीर, अंडे, मांस और मछली का सेवन नहीं करने वाले लोगों को इसकी कमी का खतरा हो सकता है।
50 साल से अधिक उम्र के लोग: उम्र बढ़ने के साथ पेट में एसिड का उत्पादन कम हो सकता है, जिससे भोजन से B12 अवशोषित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
पेट और आंतों की बीमारी से पीड़ित लोग: सीलिएक डिजीज, क्रोहन डिजीज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं के कारण B12 का अवशोषण कम हो सकता है।
पेट की सर्जरी करा चुके लोग: गैस्ट्रिक बाईपास या पेट के कुछ हिस्से की सर्जरी के बाद शरीर में B12 का अवशोषण प्रभावित हो सकता है।
लंबे समय से दवाएं लेने वाले लोग: डायबिटीज में इस्तेमाल होने वाली मेटफॉर्मिन और पेट में एसिड कम करने वाली दवाएं, जैसे प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI), लंबे समय तक लेने से B12 की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।

शरीर में विटामिन B12 की कमी क्यों होती है?

इसकी कमी के पीछे सिर्फ खानपान ही जिम्मेदार नहीं होता। इसके कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं।
भोजन में विटामिन B12 से भरपूर चीजों की कमी होना।
शरीर में इंट्रिंसिक फैक्टर (Intrinsic Factor) नामक प्रोटीन की कमी होना, जो B12 के अवशोषण के लिए जरूरी है।
पेट में एसिड का कम बनना।
पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियां होना।
लंबे समय तक कुछ विशेष दवाओं का सेवन करना।
पेट या आंतों की सर्जरी के कारण पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होना।


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Content Writer

Vandana

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