उर्वशी ढोलकिया ने नेशनल टेलीविजन पर अनीता हसनंदानी से मांगी माफी, बोली- मुझे बुरा लगता है
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 10:47 AM (IST)
नारी डेस्क: एक्ट्रेस उर्वशी ढोलकिया अपनी अच्छी दोस्त और स्टार अनीता हसनंदानी से नेशनल टेलीविजन पर माफी मांगते हुए भावुक हो गईं। 'तुम हो ना' के आने वाले एपिसोड में एक भावुक पल देखने को मिलेगा, जब उर्वशी काम, परिवार और दोस्ती के बीच तालमेल बिठाने के बारे में बात करेंगी। साथ ही वह अनीता की शादी में शामिल न हो पाने और अपनी सबसे अच्छी दोस्त (BFF) की जिंदगी के इतने अहम दिन पर काम को प्राथमिकता देने के लिए उनसे दिल से माफी भी मांगेंगी।
उर्वशी ने कहा- "जैसा कि मैंने आपको बताया, मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं था न तो मैं अपने बच्चों को समय दे पाई और न ही किसी और चीज़ को। मेरा पूरा ध्यान बस काम करने, पैसे कमाने, घर चलाने और अपने माता-पिता व बच्चों को एक अच्छी ज़िंदगी देने पर था।" उन्होंने आगे बताया- "उस दौरान हुई चीज़ों के लिए मैं इसे पछतावा तो नहीं कहूंगी, लेकिन आज भी मुझे बुरा लगता है। मुझे अच्छी तरह याद है कि जब अनीता की शादी हुई थी, तो मैं उसमें शामिल नहीं हो पाई थी क्योंकि मैं काम कर रही थी। मेरी ज़िंदगी कुछ अलग ही रही है बस काम से घर और घर से काम।" भावुक होते हुए उर्वशी ने कहा- "और मैं सच में दिल से माफ़ी मांगती हूं कि मैं तुम्हारे सबसे खास दिन में शामिल नहीं हो पाई। क्योंकि मैंने 'कभी सौतन कभी सहेली' के दौरान तुम्हारे साथ बहुत समय बिताया है।"
यह भावुक पल तब और भी खास हो गया जब एक्ट्रेस अनीता हसनंदानी ने उर्वशी की तारीफ़ करते हुए कहा कि वह प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों तरह से एक प्रेरणा हैं। अपने साथ किए गए पहले शो को याद करते हुए अनीता ने कहा- “मेरा पहला शो उर्वशी ढोलकिया के साथ था, ‘कभी सौतन कभी सहेली’, और तब मैं भी बहुत छोटी थी। तो आप जानते हैं जब आप इतनी मेहनत करते हैं और कई बार चीज़ों पर ध्यान नहीं दे पाते क्योंकि आप अपने काम में व्यस्त होते हैं। तो, हो सकता है मैंने इन शब्दों में न कहा हो लेकिन आप बहुत प्रेरणादायक हैं, मैंने आपसे बहुत कुछ सीखा है।”
उर्वशी ढोलकिया ने इस बात पर भी बात की कि कैसे लोग अक्सर उन भावनात्मक संघर्षों को गलत समझते हैं जिनसे एक्टर्स पर्दे के पीछे गुज़रते हैं। उर्वशी ने कहा- "आजकल एक समस्या यह भी है कि हममें से कोई ज़्यादा कुछ बोलता नहीं है यानी हम 'बंद किताब' की तरह रहते हैं क्योंकि अगर हम कुछ बोलते हैं, तो लोग कहते हैं कि यह सब व्यूज़ या सहानुभूति पाने के लिए है; और अगर हम कुछ नहीं बोलते, तो हमें घमंडी कहा जाता है। लोग यह नहीं समझते कि हमें किन मुश्किलों से गुज़रना पड़ता है; किसी की किसी से तुलना नहीं की जा सकती। बाहर से यह सब बहुत ग्लैमरस लगता है, लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है।"

