दिन में 2 बार समुद्र में समा जाता है ये अनोखा शिव मंदिर, सावन में दर्शन करना माना जाता है शुभ
punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 03:28 PM (IST)
नारी डेस्क : भारत में भगवान शिव के कई प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर हैं, लेकिन गुजरात के भरूच जिले में स्थित स्तंभेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण सबसे अलग माना जाता है। यह मंदिर दिन में दो बार समुद्र की लहरों में पूरी तरह समा जाता है और कुछ घंटों बाद फिर से बाहर दिखाई देने लगता है। यही अद्भुत नजारा देखने के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
गुजरात के कवि कंबोई गांव में स्थित है मंदिर
स्तंभेश्वर महादेव मंदिर गुजरात के भरूच जिले के कवि कंबोई गांव में स्थित है। अरब सागर के तट पर बना यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ इसका प्राकृतिक दृश्य भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बता दें की इस मंदिर के समुद्र में डूबने का कारण कोई चमत्कार नहीं, बल्कि प्राकृतिक ज्वार-भाटा (High Tide और Low Tide) है। हाई टाइड के दौरान समुद्र का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे पूरा मंदिर और शिवलिंग पानी में डूब जाते हैं। वहीं, लो टाइड आने पर पानी वापस चला जाता है और मंदिर फिर से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जाता है।

सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़
सावन के महीने और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान यहां पूजा-अर्चना करने से भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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दर्शन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप स्तंभेश्वर महादेव मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें
हाई टाइड के समय मंदिर पूरी तरह पानी में डूब जाता है।
लो टाइड के दौरान ही मंदिर तक पैदल पहुंचा जा सकता है।
यात्रा से पहले ज्वार-भाटे का समय जरूर जांच लें।
सावन, महाशिवरात्रि और अक्टूबर से मार्च तक का समय यात्रा के लिए बेहतर माना जाता है।

कैसे पहुंचे स्तंभेश्वर महादेव मंदिर?
ट्रेन से: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भरूच जंक्शन है। यहां से टैक्सी या लोकल कैब लेकर मंदिर पहुंचा जा सकता है।
हवाई मार्ग से: निकटतम एयरपोर्ट वडोदरा एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के जरिए मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
सड़क मार्ग से: भरूच और कवि कंबोई गांव तक गुजरात के विभिन्न शहरों से बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है।
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यात्रा से पहले क्यों जरूरी है टाइड टाइम देखना?
टाइड टाइम देखना इस लिए जरुरी है चूंकि मंदिर दिन में दो बार समुद्र में डूब जाता है, इसलिए दर्शन के लिए निकलने से पहले ज्वार-भाटे (Tide Timing) की जानकारी जरूर लें। सही समय पर पहुंचने से आप मंदिर के दर्शन के साथ-साथ समुद्र में डूबने और दोबारा उभरने का अद्भुत नजारा भी देख सकते हैं।

