घर में नेगेटिव एनर्जी नहीं आने देंगे ये 5 वास्तु टिप्स

5/6/2020 12:43:39 PM

आज से कुछ समय पहले शौचालय और स्नानगृह घर के बाहर बनाए जाते थे। इसका कारण घर में शौचालय व स्नानगृह नकारात्मक ऊर्जा के स्रोत माने जाते थे। लेकिन आज के मार्डन युग में घर में ही सभी सुविधाएं उपलब्ध होना जरुरी है, इसलिए व्यक्ति को कम से कम घर का निर्माण करते समय शौचालय और स्नानगृह के निर्माण के समय वास्तु टिप्स का पालन कर लेना चाहिए। अगर उसका निर्माण वास्तु मार्गदर्शकों के अनुसार नहीं हुआ तो उसकी वजह से निवास तथा उसके निवासियों पर प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है। तो चलिए जानते हैं घर में शौचालय व स्नानगृह के लिए कुछ सिंपल से वास्तु टिप्स...

 

टॉयलेट का दरवाजा

वास्तु के अनुसार बाथरुम का दरवाजा हमेशा बंद रखना चाहिए। चाहे बाथरुम कितना भी साफ हो, तब भी दरवाजे को बंद रखने में ही बेहतरी है। इससे घर की पॉजिटिव वाइब्रेशन कायम रहेंगी।

टॉयलेट फ्रैशनर

शौचालय तथा स्नानगृह दोनों में टॉयलेट फ्रैशनर का इस्तेमाल जरुर करें। अगर बाथरुम में अच्छी स्मैल बनी रहेगी, तो घर में  नेगेटिव वाइबस भी नहीं आएंगी। 

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स्टडी-रुम को रखें बाथरुम से दूर

कभी भी बच्चों को पढ़ने के कमरे को बाथरुम के साथ न बनवाएं। ऐसा करने से बच्चों के ध्यान में कमी आ सकती है। घर के स्टडी रुम को भी बाथरुम से दूर ही रखने में बेहतरी है। डाइनिंग टेबल को भी हमेशा बाथरुम से दूर रखना चाहिए। कोशिश करें की बाथरुम और स्नानगृह घर के दरवाजे के साथ बाहर की तरफ ही बनें। 

आइना

वास्तु अनुसार शौचालय व स्नानगृह में आइना नहीं होना चाहिए । इससे नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है और निवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है । अगर दर्पण को वास्तु के अनुसार रखा जाता है तो यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है।

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साफ-सफाई को रखें ध्यान

बाथरुम को हमेशा साफ-सुथरा रखने की कोशिश करें, रोजाना घर के सभी सदस्यों के स्नान करने के पश्चात अच्छी तरह से स्नानघर की सफाई कीजिए। इससे आपकी सेहत व स्वास्थ हमेशा ठीक रहेगा।


Anjali Rajput

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