प्रेग्नेंसी में हुई बीमारी का सालों बाद दिखता है असर, डिलीवरी के 10 साल बाद मां को शुरु होती है दिक्कतें
punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 05:08 PM (IST)
नारी डेस्क: प्रेग्नेंसी का समय चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि बढ़ते भ्रूण के हिसाब से शरीर में कई बदलाव होते हैं। बच्चे के जन्म के बाद भले ही धीरे- धीरे सब ठीक लगने लगत है लेकिन प्रेग्नेंसी की कुछ बातें सालों बाद भी आपकी सेहत पर गहरा असर डालती है। चलिए जानते हैं प्रेग्नेंसी में होने वाली दिक्कतें जैसे हाई ब्लड प्रेशर से लेकर जेस्टेशनल डायबिटीज तक भविष्य में दिल की सेहत के बारे में कैसे संकेत दे सकती हैं।
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प्रेग्नेंसी के दौरान क्या होती है परेशानियां
गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार कुछ महिलाओं में इस दौरान होने वाली परेशानियां हाई ब्लड प्रेशर या मेटाबोलिक गड़बड़ी जैसी समस्याओं का संकेत हो सकती हैं, जो आगे चलकर और साफ़ तौर पर सामने आ सकती हैं। रिसर्च से पता चला है कि प्री-एक्लेम्पसिया, जेस्टेशनल हाइपरटेंशन और जेस्टेशनल डायबिटीज जैसी स्थितियों का संबंध भविष्य में दिल से जुड़ी समस्याओं के ज़्यादा जोखिम से है। उदाहरण के लिए अगर किसी महिला को 30 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, तो डिलीवरी के बाद उसका ब्लड प्रेशर नॉर्मल हो सकता है। 40 या 45 साल की उम्र में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हमेशा के लिए हो सकती है।
डिलीवरी के 10 साल बाद शुरू होती है दिक्कत
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान हाइपरटेंशन से जुड़ी समस्याएं हुई हैं, उनमें डिलीवरी के 10-20 साल या उसके बाद क्रोनिक हाइपरटेंशन होने का खतरा दो से चार गुना ज़्यादा होता है। इसी तरह, जेस्टेशनल डायबिटीज से प्रभावित प्रेग्नेंसी के बाद ब्लड शुगर का लेवल भी नॉर्मल हो सकता है, लेकिन डॉक्टर ने चेतावनी दी कि यह घटना भविष्य में डायबिटीज और दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे का संकेत हो सकती है। डॉक्टर ने साफ़ किया कि मुश्किल प्रेग्नेंसी का मतलब यह नहीं है कि महिला को आगे चलकर दिल की बीमारी होगी ही।
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प्रेग्नेंसी के बाद महिलाएं इन बातों का रखें ख्याल
गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार उन महिलाओं को अपनी सेहत पर नज़र रखने की सलाह दी, जिन्हें पहले प्री-एक्लेम्पसिया, जेस्टेशनल हाइपरटेंशन या जेस्टेशनल डायबिटीज की समस्या रही हो, भले ही बच्चे के जन्म के बाद वे ठीक महसूस कर रही हों। जैसे नियमित हेल्थ चेकअप के ज़रिए ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और वज़न पर नज़र रखें। फिजिकली एक्टिव रहें, संतुलित डाइट लें, पूरी नींद लें और तंबाकू से दूर रहें। प्रेग्नेंसी में हुई किसी भी मुश्किल के बारे में डॉक्टर को ज़रूर बताएं, भले ही वह प्रेग्नेंसी कई साल पहले हुई हो। डॉक्टर ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बच्चे की देखभाल में मां अपनी सेहत को नजरअंदाज कर सकती है। कभी-कभी, बिना किसी साफ़ लक्षण के, कई साल गुज़र जाते हैं और सही हेल्थ चेकअप नहीं हो पाता। हो सकता है कि बच्चा अब 10, 20 या 30 साल का हो गया हो, लेकिन उस प्रेग्नेंसी के दौरान सेहत से जुड़े जो संकेत मिले थे, उन्हें भूलना नहीं चाहिए।

