Kidney को धीरे-धीरे खोखला कर देते हैं शुआत के ये लक्षण
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 03:43 PM (IST)
नारी डेस्क: हमारा शरीर किसी भी बीमारी के आने से पहले अक्सर कुछ न कुछ संकेत जरूर देता है, लेकिन किडनी की बीमारी उन चुनिंदा समस्याओं में से एक है जो लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है। यही वजह है कि डॉक्टर किडनी से जुड़ी बीमारियों को "साइलेंट किलर" भी कहते हैं। जब तक मरीज को समस्या का एहसास होता है, तब तक कई बार किडनी काफी हद तक प्रभावित हो चुकी होती है।
शरीर के लिए क्यों इतनी जरूरी है किडनी
किडनी हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने, शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने, पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम करती है। स्वस्थ किडनी पूरे शरीर को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है।

आखिर क्यों कहा जाता है किडनी की बीमारी को ‘साइलेंट किलर’
विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी काफी मजबूत अंग होती है और शुरुआती नुकसान के बावजूद अपना काम सामान्य रूप से करती रहती है। यही कारण है कि शुरुआती चरण में मरीज को कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती। न दर्द होता है और न ही कोई ऐसा लक्षण दिखता है जिससे तुरंत बीमारी का पता चल सके। अधिकतर मामलों में लोगों को तब जानकारी मिलती है जब किडनी अपनी कार्यक्षमता का बड़ा हिस्सा खो चुकी होती है। कई बार तो सामान्य हेल्थ चेकअप के दौरान या फिर अचानक तबीयत बिगड़ने पर ही बीमारी सामने आती है।
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत क्या हो सकते हैं
हालांकि शुरुआत में लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते, लेकिन कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना। पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन आना। बार-बार पेशाब आना या पेशाब की मात्रा में बदलाव। भूख कम लगना,मतली या उल्टी की शिकायत। ध्यान केंद्रित करने में परेशानी। हाई ब्लड प्रेशर का नियंत्रण में न रहना। यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा रहता है खतरा?
कुछ लोगों में किडनी की बीमारी का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। ऐसे लोगों को नियमित जांच करवानी चाहिए।

डायबिटीज के मरीज
हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग
परिवार में किडनी रोग का इतिहास होना
मोटापे से जूझ रहे लोग
हृदय रोग के मरीज
धूम्रपान या नशे का सेवन करने वाले
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60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
किडनी को स्वस्थ रखने के आसान उपाय
अच्छी बात यह है कि कुछ साधारण आदतें अपनाकर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर रखें कंट्रोल
यदि आप डायबिटीज या हाई बीपी के मरीज हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें और नियमित जांच करवाएं। इन दोनों बीमारियों को किडनी खराब होने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
शरीर में पानी की कमी होने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। ज्यादा नमक, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें। अपने भोजन में हरी सब्जियां, फल और पौष्टिक चीजों को शामिल करें। कई लोग छोटी-छोटी तकलीफों में बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेते रहते हैं। लंबे समय तक इन दवाओं का इस्तेमाल किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि या एक्सरसाइज करने से ब्लड प्रेशर, वजन और शुगर कंट्रोल में रहती है, जिससे किडनी भी स्वस्थ रहती है। किडनी की बीमारी अक्सर तब तक सामने नहीं आती जब तक नुकसान काफी बढ़ न जाए। इसलिए केवल लक्षणों का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और अन्य जरूरी जांच करवाना बेहतर होता है। खासकर यदि आप डायबिटीज, हाई बीपी या किसी अन्य जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं।

