संजय गुप्ता ने मीका सिंह को बॉलीवुड में दिया था पहला ब्रेक, अपने गॉडफादर के जाने से टूटे सिंगर
punjabkesari.in Saturday, Oct 31, 2026 - 04:02 PM (IST)
नारी डेस्क: फिल्म निर्माता संजय गुप्ता के निधन के बाद गायक मीका सिंह काफी दुखी और परेशान नजर आए। उन्होंने संजय गुप्ता को अपना "गॉडफादर" बताया, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड में पहला मौका दिया था। मीका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट लिखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने संजय गुप्ता को एक बेहतरीन इंसान, जमीन से जुड़े व्यक्ति और एक शानदार फिल्म निर्माता, निर्देशक और प्रोड्यूसर बताया।

संजय गुप्ता के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए मीका ने लिखा- "आज का दिन मेरे लिए सबसे चौंकाने वाले और दिल तोड़ने वाले दिनों में से एक है। मेरे बड़े भाई, संजय गुप्ता जी - जो एक बेहतरीन इंसान, जमीन से जुड़े व्यक्ति और एक शानदार फिल्म निर्माता, निर्देशक और प्रोड्यूसर थे - हमें बहुत जल्दी छोड़कर चले गए।" मीका ने याद किया कि कैसे संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में उनकी एंट्री कराने में मदद की थी। उन्होंने कहा कि संजय गुप्ता उनके लिए एक गॉडफादर की तरह थे और वे हमेशा उनके प्रति आभारी रहेंगे।

उन्होंने आगे लिखा- "भाई, आप मेरे लिए एक गॉडफादर की तरह थे। आपने मुझे बॉलीवुड में मेरा पहला ब्रेक दिया था। आपके प्यार, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा। आप हमेशा मेरे दिल में रहेंगे। वाहेगुरु आपकी आत्मा को शांति दें और आपके परिवार को इस कभी न भर पाने वाले नुकसान को सहने की शक्ति दें। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, भाई। आपकी बहुत याद आएगी।" मीका को बॉलीवुड में अपना पहला बड़ा ब्रेक संजय गुप्ता की 2007 की फिल्म 'शूटआउट एट लोखंडवाला' के गाने 'गणपत' से मिला था। विवेक ओबेरॉय पर फिल्माया गया यह गाना काफी लोकप्रिय हुआ और इसने हिंदी फिल्म संगीत उद्योग में मीका की पहचान बनाने में मदद की।

बता दें कि संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे। खबरों के अनुसार, रात के समय बाथरूम में फिसलने से उनके सिर में चोट लग गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसी को इस घटना का पता नहीं चला और अगली सुबह वे मृत पाए गए। खबरों के अनुसार, उनके परिवार के सदस्य घर पर ही थे, लेकिन उस समय उन्हें गिरने की घटना के बारे में पता नहीं चला। संजय गुप्ता ने 1994 में 'आतिश: फील द फायर' के साथ बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'कांटे', 'मुसाफिर', 'जिंदा', 'शूटआउट एट वडाला', 'जज्बा', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। उनका आखिरी काम, 'द मिरांडा ब्रदर्स', 2025 में रिलीज़ हुआ था।

