Copper-T के बावजूद हो गई प्रेग्नेंसी! जानें मां और बच्चे के लिए कितना बढ़ जाता है खतरा

punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 01:33 PM (IST)

नारी डेस्क : कॉपर-टी (Copper-T) को लंबे समय तक गर्भधारण से बचाव के सबसे प्रभावी तरीकों में गिना जाता है। इसकी सफलता दर 99% से अधिक मानी जाती है, लेकिन कोई भी गर्भनिरोधक तरीका पूरी तरह फुलप्रूफ नहीं होता। बहुत ही दुर्लभ मामलों में कॉपर-टी लगे होने के बावजूद भी महिला गर्भवती हो सकती है। ऐसे में कई महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि क्या यह प्रेग्नेंसी सुरक्षित होती है, क्या कॉपर-टी को निकालना जरूरी है और मां व बच्चे के लिए इससे क्या जोखिम हो सकते हैं? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं।

कॉपर-टी के बावजूद कैसे हो सकती है प्रेग्नेंसी?

डॉक्टर के अनुसार, कॉपर-टी गर्भधारण रोकने में 99% से अधिक प्रभावी है। हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में यह अपनी सही जगह से खिसक सकती है या गर्भाशय से बाहर निकल सकती है। ऐसी स्थिति में गर्भधारण की संभावना बन सकती है। यदि कॉपर-टी लगे होने के दौरान प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच के जरिए प्रेग्नेंसी और कॉपर-टी की स्थिति का पता लगाया जा सके।

क्या बढ़ जाते हैं प्रेग्नेंसी के खतरे?

कॉपर-टी के साथ प्रेग्नेंसी होने पर सामान्य गर्भावस्था की तुलना में कुछ जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है, 
जैसे मिसकैरेज (गर्भपात)
गर्भाशय में संक्रमण (Infection)
समय से पहले प्रसव (Preterm Birth)
इसी वजह से ऐसी प्रेग्नेंसी में नियमित जांच और स्त्री रोग विशेषज्ञ की निगरानी बेहद जरूरी होती है।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की जांच क्यों जरूरी है?

कॉपर-टी के साथ गर्भधारण होने पर डॉक्टर सबसे पहले एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic Pregnancy) की संभावना की जांच करते हैं। इस स्थिति में निषेचित अंडा गर्भाशय की बजाय फैलोपियन ट्यूब या किसी अन्य स्थान पर विकसित होने लगता है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

क्या प्रेग्नेंसी होने पर कॉपर-टी निकालना जरूरी है?

इसका फैसला हर महिला की स्थिति के अनुसार डॉक्टर करते हैं। यदि कॉपर-टी के धागे आसानी से दिखाई दे रहे हों और उसे सुरक्षित तरीके से निकाला जा सकता हो, तो डॉक्टर गर्भावस्था के शुरुआती चरण में उसे हटाने की सलाह दे सकते हैं। इससे कुछ जटिलताओं का खतरा कम हो सकता है।
ध्यान रखें: कॉपर-टी को कभी भी खुद से निकालने की कोशिश न करें।

क्या स्वस्थ बच्चे का जन्म संभव है?

विशेषज्ञों के अनुसार, कॉपर-टी के बावजूद गर्भ ठहरने का मतलब यह नहीं है कि स्वस्थ बच्चे का जन्म संभव नहीं है। यदि शुरुआती जांच में कोई गंभीर समस्या न हो, कॉपर-टी को सुरक्षित तरीके से निकाल दिया जाए (यदि संभव हो) और पूरी गर्भावस्था के दौरान नियमित मेडिकल निगरानी रखी जाए, तो कई महिलाएं पूरी अवधि (Full-Term) तक स्वस्थ प्रेग्नेंसी पूरी करती हैं और स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर कॉपर-टी लगी हुई है और आपका प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो बिना देरी किए स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से संपर्क करें। वहीं यदि प्रेग्नेंसी के दौरान तेज पेट दर्द, योनि से असामान्य रक्तस्राव, चक्कर आना या बेहोशी, कंधे में दर्द, बुखार या लगातार पेल्विक (पेल्विस) में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ये संकेत एक्टोपिक प्रेग्नेंसी या अन्य गंभीर जटिलताओं की ओर इशारा कर सकते हैं, जिनमें तुरंत मेडिकल जांच और इलाज की आवश्यकता होती है। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से संभावित जोखिमों को कम किया जा सकता है।

कॉपर-टी के बावजूद गर्भधारण होना बेहद दुर्लभ है, लेकिन अगर ऐसा हो जाए तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच, सही इलाज और नियमित डॉक्टर की निगरानी से मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा की जा सकती है।


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Content Editor

Monika

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