किस कैंसर से जूझ रहे Pope Leo XIV, फेफड़े का एक हिस्सा निकलने के बाद कितनी होती हैं मुश्किलें!

punjabkesari.in Thursday, Oct 15, 2026 - 01:07 PM (IST)

नारी डेस्क : पोप लियो XIV को लंग एडेनोकार्सिनोमा नाम का कैंसर हुआ है। 13 अक्टूबर को उनकी दाईं ओर के फेफड़े का निचला हिस्सा सर्जरी से निकाल दिया गया। वेटिकन के मुताबिक, ऑपरेशन सफल रहा और पोप की रिकवरी उम्मीद के मुताबिक हो रही है। लेकिन क्या फेफड़े का एक हिस्सा निकलने के बाद सांस लेने में परेशानी होती है? क्या मरीज सामान्य जिंदगी जी सकता है? आइए समझते हैं। पोप लियो XIV की सेहत को लेकर दुनिया भर में लोग चिंतित हैं। वेटिकन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उनके फेफड़े में एक गांठ मिली थी, जिसे निकालने के लिए सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान निकाले गए ऊतक की जांच में लंग एडेनोकार्सिनोमा की पुष्टि हुई। यह फेफड़ों के कैंसर का एक सामान्य प्रकार है। सर्जरी के बाद पोप ने चलना शुरू कर दिया है और सामान्य भोजन भी ले रहे हैं। उनकी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और चेस्ट एक्स-रे में ऑपरेशन के बाद की स्थिति सामान्य बताई गई। हालांकि, कैंसर किस स्टेज में है और क्या यह लिम्फ नोड्स तक पहुंचा है, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पोप लियो XIV को कौन-सा कैंसर है?

पोप लियो XIV को लंग एडेनोकार्सिनोमा (Lung Adenocarcinoma) हुआ है। यह नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर का एक प्रकार है। इसकी शुरुआत फेफड़ों की कुछ विशेष कोशिकाओं से होती है और बीमारी का व्यवहार हर मरीज में अलग हो सकता है। कैंसर का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी कितनी फैली है, ट्यूमर का आकार क्या है और मरीज की सामान्य सेहत कैसी है। शुरुआती और सीमित कैंसर में सर्जरी से ट्यूमर निकालना उपचार का प्रमुख विकल्प हो सकता है। कुछ मामलों में सर्जरी के बाद कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी या अन्य उपचारों की भी जरूरत पड़ सकती है।

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कैंसर की स्टेज का पता चलना क्यों जरूरी है?

पोप लियो XIV के कैंसर की सटीक स्टेज और लिम्फ नोड्स की स्थिति के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। ये दोनों बातें आगे के इलाज और बीमारी के संभावित परिणाम को समझने में महत्वपूर्ण होती हैं। सर्जरी के दौरान ट्यूमर निकाल दिया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि कैंसर पूरी तरह खत्म हो गया है। इसके लिए निकाले गए ऊतक की विस्तृत जांच और जरूरत के अनुसार अन्य टेस्ट किए जाते हैं। अगर कैंसर लिम्फ नोड्स तक नहीं फैला है और सर्जरी से पूरा ट्यूमर निकल गया है, तो कुछ मरीजों में सर्जरी ही पर्याप्त हो सकती है। वहीं, कैंसर के फैलाव या दोबारा लौटने के जोखिम के आधार पर अतिरिक्त इलाज की जरूरत भी पड़ सकती है। पोप के मामले में अंतिम निष्कर्ष के लिए उनकी मेडिकल टीम की आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

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फेफड़े का एक हिस्सा निकलने के बाद कितनी होती हैं दिक्कतें?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पोप लियो XIV का पूरा दायां फेफड़ा नहीं निकाला गया है। उनकी दाईं ओर के फेफड़े का निचला हिस्सा, जिसे लोअर लोब कहा जाता है, सर्जरी से हटाया गया है। इंसान के दाएं फेफड़े में तीन और बाएं फेफड़े में दो लोब होते हैं। इस तरह की सर्जरी के बाद मरीज को कुछ समय तक दर्द, थकान, सांस फूलने या पहले की तुलना में कम शारीरिक क्षमता महसूस हो सकती है। हालांकि, हर मरीज को एक जैसी परेशानी नहीं होती। रिकवरी उम्र, फेफड़ों की पहले से मौजूद क्षमता, सर्जरी के प्रकार और अन्य बीमारियों पर निर्भर करती है।

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क्या मरीज सामान्य जिंदगी जी सकता है?

हां, कई लोग फेफड़े का एक लोब निकलने के बाद धीरे-धीरे अपनी सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं। फेफड़े का बचा हुआ हिस्सा और दूसरा फेफड़ा सांस लेने की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। हालांकि, व्यायाम करने की क्षमता या पहले जैसी सांस लेने में कितना समय लगेगा, यह व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। सर्जरी के बाद डॉक्टर की सलाह से चलना, सांस से जुड़े फिजियोथेरेपी अभ्यास और धीरे-धीरे गतिविधियां बढ़ाना रिकवरी में मदद कर सकता है। किसी भी तरह की एक्सरसाइज या गतिविधि शुरू करने से पहले उपचार करने वाली टीम के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

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पोप लियो XIV की रिकवरी कैसी चल रही है?

वेटिकन की 14 अक्टूबर को दी गई जानकारी के अनुसार, पोप लियो XIV की रिकवरी उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रही थी। उन्होंने रेस्पिरेटरी फिजियोथेरेपी शुरू कर दी थी, अपने कमरे में चल रहे थे और सामान्य भोजन ले रहे थे। ब्लड टेस्ट और चेस्ट एक्स-रे में भी ऑपरेशन के बाद के परिणाम सामान्य बताए गए थे। उन्हें अस्पताल में लगभग एक सप्ताह रहने की उम्मीद थी। हालांकि, शुरुआती रिकवरी अच्छी होना सकारात्मक संकेत है, लेकिन इससे कैंसर के पूरी तरह ठीक होने या आगे किसी उपचार की जरूरत न पड़ने की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए कैंसर की विस्तृत जांच और डॉक्टरों की आगे की सलाह जरूरी होगी।

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नोट : यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। फेफड़े की सर्जरी के बाद संभावित परेशानियां और रिकवरी हर मरीज में अलग होती हैं। किसी व्यक्ति के इलाज या ठीक होने की संभावना का आकलन केवल उसकी मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञ डॉक्टर ही कर सकते हैं।


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Monika

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