मानसून में दीवारों को सीलन से बचाना है? अपनाएं ये 5 आसान उपाय
punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 02:47 PM (IST)
नारी डेस्क : मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ने से घर की दीवारें सीलन की चपेट में आ जाती हैं। इसका असर सबसे पहले पेंट पर दिखाई देता है, जो धीरे-धीरे उखड़ने लगता है। इसके अलावा दीवारों पर फफूंद, बदबू और काले धब्बे भी बनने लगते हैं। अगर इस समस्या का समय पर समाधान नहीं किया जाए, तो दोबारा पेंट करवाने का खर्च भी उठाना पड़ सकता है। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो ये 5 आसान उपाय आपके काम आ सकते हैं।
घर में हवा के आने-जाने का सही इंतजाम करें
घर में पर्याप्त वेंटिलेशन न होने से नमी बढ़ने लगती है। इसलिए रोजाना कुछ समय के लिए खिड़कियां और दरवाजे खोलें, ताकि ताजी हवा का संचार बना रहे। जिन कमरों में धूप नहीं आती, वहां एग्जॉस्ट फैन या डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।

नमी की असली वजह का पता लगाएं
अगर किसी एक जगह पर बार-बार पेंट उखड़ रहा है, तो संभव है कि वहां पानी का रिसाव (लीकेज) हो रहा हो। ऐसे में छत, पाइपलाइन, खिड़कियों और बाहरी दीवारों की अच्छी तरह जांच करें। केवल नया पेंट कराने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पहले लीकेज को ठीक करना जरूरी है।
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फफूंद दिखे तो तुरंत एंटी-फंगल क्लीनर का इस्तेमाल करें
अगर दीवारों पर काले या हरे रंग के धब्बे दिखाई दें, तो यह फफूंद (मोल्ड) का संकेत हो सकता है। ऐसे में एंटी-फंगल क्लीनर से दीवार की सफाई करें। सफाई के दौरान मास्क पहनना न भूलें, ताकि फफूंद के कण सांस के जरिए शरीर में न जाएं। दीवार पूरी तरह सूखने के बाद ही प्राइमर या नया पेंट लगाएं।

वॉटरप्रूफ प्राइमर और डैम्प-रेजिस्टेंट पेंट चुनें
अगर आप घर में पेंट करवाने की योजना बना रहे हैं, तो सामान्य पेंट की बजाय अच्छी गुणवत्ता वाला वॉटरप्रूफ प्राइमर और नमी-रोधी (डैम्प-रेजिस्टेंट) पेंट चुनें। इससे दीवारों पर नमी का असर कम होगा और पेंट लंबे समय तक टिकेगा।
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फर्नीचर को दीवार से सटाकर न रखें
अक्सर लोग सोफा, अलमारी या बेड को दीवार से बिल्कुल सटाकर रख देते हैं। इससे हवा का प्रवाह रुक जाता है और पीछे नमी जमा होने लगती है। बेहतर होगा कि फर्नीचर और दीवार के बीच कुछ इंच की दूरी रखें, ताकि हवा आसानी से गुजर सके और सीलन न बने।

इन बातों का भी रखें ध्यान
घर में नमी बढ़ने पर तुरंत सफाई करें।
बारिश के दौरान दीवारों पर रिसाव दिखे तो तुरंत मरम्मत करवाएं।
कमरे में धूप और हवा का पर्याप्त इंतजाम रखें।
जरूरत पड़ने पर डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
सीलन को नजरअंदाज न करें, क्योंकि इससे दीवारों के साथ-साथ आपकी सेहत भी प्रभावित हो सकती है।
बारिश के मौसम में थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर आप अपने घर की दीवारों को सीलन, फफूंद और पेंट उखड़ने जैसी समस्याओं से बचा सकते हैं। सही वेंटिलेशन, समय पर लीकेज की मरम्मत और वॉटरप्रूफ पेंट का इस्तेमाल न केवल आपके घर की खूबसूरती बनाए रखेगा, बल्कि दीवारों की उम्र भी बढ़ाएगा।

