वुमेन प्रॉब्लमः PCOS से राहत पाने के 3 नेचुरल तरीके

punjabkesari.in Friday, Apr 12, 2019 - 06:17 PM (IST)

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं को होने वाला सामान्य हार्मोनल असंतुलन रोग है। इस समस्या से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर की लाखों महिलाएं गुजर रही हैं, जिससे अंडाशय में छोटे-छोटे अल्सर बनने शुरु हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होना शुरु हो जाता हैं जब महिलाओं के शरीर में मेल हार्मोंन्स बनने शुरु हो जाते हैं। ऐसी महिलाओं को गर्भधारण व पीरियड्स से जुड़ी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

PCOS होने की खास वजह

जैसे-जैसे शरीर मोटापे का शिकार होता जाता है वैसे- वैसे इस बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है। असल में ज्यादा चर्बी से एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है जो ओवरी में सिस्ट बनाने के लिए जिम्मेदार होता है। ज्यादा वसा युक्त फूड्स, एक्सरसाइज की कमी और खराब लाइफस्टाइल के चलते मोटापा तेजी से बढ़ता है, जिससे यह बीमारी आसानी से महिलाओं को पकड़ में लेती है। अगर आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं तो मोटापे को कंट्रोल करें और रोजाना एक्सरसाइज करें। अपनी डाइट को हेल्दी और संतुलित रखें। 

 

PCOS के संकेत
कील मुंहासे

इस बीमारी की शुरुआत में टेस्टोस्टेरोन का स्तर ज्यादा होता है जिससे स्किन ऑयली हो जाती है और कील-मुहांसे बढ़ने लगते हैं। अगर चेहरे पर हद से ज्यादा मुंहासे हो गए है तो डॉक्टर से जरूर जांच करवाएं।

अनचाहे बाल

पीसीओएस से ग्रस्त ज्यादातर महिलाओं के चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्सों पर बाल उग आते हैं। इस स्थिति को हिर्सुटिज़्म भी कहते हैं। यह शरीर में पुरुष हॉर्मोन्स के बढ़ने के कारण होता है। 

वजन तेजी से बढ़ना

पीसीओएस से पीड़ित लगभग 80% महिलाओं को वजन बढ़ने की समस्या होती है। बढ़ा हुआ वजन बहुत सी बीमारियों का भी कारण बनता है।

अनियमित पीरियड्स

पीसीओएस के सबसे आम लक्षणों में से एक पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होना है।

सिरदर्द

इस बीमारी के दौरान सिरदर्द की परेशानी बार-बार होती रहती है। इस बीमारी से महिलाएं किसी भी काम को अच्छे से नहीं कर पाती और आगे चलकर यह परेशानी माइग्रेन की वजह भी बन सकती है।

बालों का पतला होना

पीसीओएस की बीमारी अगर बढ़ रही हैं तो ऐसे में बाल पतले होने लग जाते हैं। बालों का झड़ना भी इसी बीमारी के लक्षणों में शामिल है।

पीसीओएस से बचने के नेचुरल तरीके

पीसीओएस प्रॉब्लम को दूर करने के लिए सबसे पहले अच्छी डाइट लें। अगर आप आए दिन बेक्ररी व जंक फूड खाती हैं तो उसे बंद करें और सैर व एक्सरसाइज जरूर करें।
 

हैल्दी डाइट 

किसी भी बीमारी की शुरुआत गलत खान-पान और लाइफस्टाइल से होती है। ऐसे में अगर आप इन बीमारियों से बचना चाहती हैं तो बाहर के जंक फूड, तला-भूना खाना बंद कर दें और अपनी डाइट में हरी-पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। बैलेंस डाइट लें और भरपूर पानी।
 

एक्सरसाइज

एक्सरसाइज व सैर करना बहुत जरूरी है। इससे शरीर से विषैले टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं और शरीर सारा दिन एनर्जेटिक बना रहता है।

तनाव मुक्त रहना

काम के ज्यादा बोझ के चलते स्ट्रैस हो ही जाता है। महिलाएं तो वैसे भी दोहरी जिंदगी जीती है जिससे वह स्ट्रैस का जल्दी शिकार हो जाती है। कोशिश करें कि तनाव कम लें जिससे आपको जल्द बीमारियां लगने का खतरा कम होगा इसके लिए आप योग व मेडिटेशन का सहारा ले सकती हैं।

इन बातों के अलावा कुछ देसी इलाज भी हैं जिन्हें अपनाकर आप PCOS की बीमारी से काफी हद तक खुद को बचा सकती है। 

तुलसी

तुलसी भी इंसुलिन के लेवल को कंट्रोल करता है। यह टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को रोकता है। आप तुलसी वाली चाय पी सकते हैं और इसे अपनी स्मूदी में भी मिला सकते हैं। तुलसी आपके कोर्टिसोल के स्तर को कम करती है और वजन बढ़ने से रोकती है।

ग्रीन टी 

इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार और ग्लूकोज के लेवल को कंट्रोल करने के लिए ग्रीन टी काफी फायदेमंद हो सकता है। अगर इंसुलिन का स्तर ज्यादा है तो इसका मतलब है कि टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाएगा और पीसीओएस के लक्षण बढ़ने लगेंगे। इससे बचने के लिए हर दिन दो से तीन कप ग्रीन टी पीना फायदेमंद होगा।
 

सीओडी लिवर तेल

सीओडी लिवर तेल पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में बढ़े हुए एस्ड्रोजन के स्तर को कम करता है। यह महिला हार्मोन को ठीक करने में भी मदद करता है। अनचाहे बालों से छुटकारा और पीरियड्स के दौरान होने वाली हैवी ब्लीडिंग की प्रॉब्लम में भी यह सीओडी लिवर तेल काफी प्रभावी हो सकती है।

Content Writer

Anjali Rajput