कहीं आपकी परवरिश में भी तो नहीं हो रही ये 6 गलतियां?

punjabkesari.in Friday, May 08, 2020 - 09:40 AM (IST)

अच्छे पेरेंट्स बनना किसी चैलेंज से कम नहीं होता है। बच्चों की परवरिश करने के लिए मां-बाप हर मुमकिन कोशिश करते हैं लेकिन बावजूद इसके कई बार वो ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। बच्चों को अक्सर अपने पेरेंट्स से यही शिकायत रहती हैं कि वो सबके सामने गुस्सा करते हैं या खुद टीवी देखते रहते और उन्हें देखने नहीं देते। ऐसे में पेरेंट्स को चाहिए कि वह बच्चों से बात करके उस समस्या को हल निकालें। इससे आप बच्चों के अच्छे पेरेंट्स बनने के साथ-साथ उनके दोस्त भी बन सकें।

 

बच्चों को पेरेंट्स से रहती हैं ये शिकायतें

घर में रहते हुए ज्यादा मत चिलाओ, आराम से बैठों, दीदी को देखों कितना अच्छे नंबर ला रही हैं या ज्यादा टीवी मत देखो जैसी शिकायतें अक्सर बच्चे को अपने पेरेंट्स से होती हैं। परवरिश करते समय छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अपने बच्चों की शिकायतों को सुनें और उसे हल करें।

आइए जानते है कुछ ऐसी बातें जिसे अपनाकर आप अच्छे पेरेंट्स बन सकते हैं।

प्रापर्टी न समझे

बच्चों को कभी भी अपनी प्रापर्टी न समझे। वह इस दुनिया में आएं क्योंकि उन्हें इस दुनिया में आना था। पेरेंट्स बस एक जरिया होते है इसलिए अपने सपनों को कभी भी उन पर थोपने की कोशिश मत करें। उन्हें वहीं करने दे जो वह अपनी जिदंगी में करना चाहते हैं। अपनी प्रापर्टी समझते हुए उन पर किसी भी चीज का प्रेशर न डालें। उनकी सपोर्ट क,रें जिससे कि वह अपने सपनों को हासिल कर सकें।

पब्लिक में मत डाटें

बच्चे दिल के बहुत ही कमजोर होते है। उनके दिल पर छोटी छोटी बातों का बहुत ही जल्दी असर पड़ता हैं। ऐसे में गलती होने पर उन्हें कभी भी पब्लिक में डाटें नहीं। उन्हें अलग ले जाकर या घर पर अकेले में प्यार से समझाएं, जिससे उन्हें अपनी गलती का तो पता लगे लेकिन बुरा न लगे। 

झूठ मत बोलें

 उन्हें झूठ बोलने से रोकते है लेकिन जब आप उनके सामने झूठ बोलते है तो यह उन पर काफी असर डालता है, वह भी झूठ बोलना सीख लेते हैं। इसलिए उनके समाने कभी भी झूठ न बोलेँ। इतना ही नहीं कभी उनके साथ कोई वादा करते है तो उन्हें भी निभाए, न कि पूरा न करने पर झूठ बोलें। 

बने दोस्त 

बच्चों के साथ पेरेंट्स की बजाए दोस्त बनकर रहें। जब हम उनके साथ दोस्त की तरह रहते तो वह हमसे कुछ छुपाते नहीं है। उन्हें पता होता है कि हम दोस्तों यानि पेरेंट्स से कुछ भी शेयर करेगें तो वो जज करने की जगह उनका साथ देंगे और गलत होने पर सही रास्ता दिखाएगें।

दूसरों के तुलना करना

कभी भी अपने बच्चे की किसी दूसरे के साथ तुलना ना करें क्योकि हर बच्चे की अपनी एक शाख्सियत व क्षमता होती है, जिसके अनुसार वह काम करते हैं। हमेशा उनके काम को प्रोत्साहित करें। उन्हें बताए की वह किस तरह अपने आप को ओर अच्छा बना सकते हैं। 

निकाले टाइम 

आजकल के पेरेंट्स अपने काम व जिम्मेदारियों में पूरी तरह से व्यस्त रहते है, जिसके चलते उन्हें बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करने का मौका नहीं मिलता हैं। जब भी थोड़ा बहुत टाइम मिलता है तो वह खुद के लिए या एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड करते है। ऐसे में बच्चे मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर में व्यस्त रहते है, जो उनपर बुरा असर डालती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप हर रोज कुछ समय बच्चों के लिए जरुर निकालें। उनके साथ खेलें, उनसे पूछें पूरा दिन उन्होंने क्या किया, क्या नया सीखा। इससे आप बच्चों का विश्वास भी जीत पाएंगे और उनके करीब भी हमेशा रहेंगे। 

Content Writer

Anjali Rajput