नीट की तैयारी कर रही छात्रा की दर्दनाक मौत, ये सब्जी खाने से दिमाग में बन गईं 25 गांठें
punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 01:48 PM (IST)
नारी डेस्क : उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद ही चौंकाने वाला और परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने फास्ट फूड और असाफ-सुथरे खाने से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों को उजागर कर दिया है। नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा इलमा की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, पत्ता गोभी के जरिए शरीर में पहुंचा एक कीड़ा दिमाग तक पहुंच गया, जिससे वहां करीब 25 गांठें बन गईं।
जानें कौन थीं इलमा?
मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव चुचैला कलां निवासी किसान नदीम अहमद की बड़ी बेटी इलमा एक प्राइवेट स्कूल में इंटरमीडिएट की छात्रा थी और साथ ही नीट की तैयारी कर रही थी। परिवार के मुताबिक, इलमा पढ़ाई में होशियार थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी।

कैसे बिगड़ी तबीयत?
परिजनों ने बताया कि करीब एक महीने पहले इलमा को टाइफाइड हुआ था। इसके बाद उसकी सेहत लगातार गिरती चली गई। पहले उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सीटी स्कैन और एमआरआई (MRI) रिपोर्ट में दिमाग में 7–8 गांठें सामने आईं। इलाज के बाद कुछ समय के लिए उसकी हालत में सुधार हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी तबीयत फिर अचानक बिगड़ गई। दोबारा जांच कराने पर डॉक्टर भी हैरान रह गए, क्योंकि अब दिमाग में गांठों की संख्या बढ़कर 25 हो चुकी थी।
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दिल्ली ले जाने के बाद भी नहीं बची जान
हालत गंभीर होने पर 22 दिसंबर को परिवार इलमा को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने दिमाग का ऑपरेशन किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 29 दिसंबर को इलाज के दौरान इलमा की मौत हो गई। इलमा के पिता के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि पत्ता गोभी के जरिए शरीर में गया परजीवी (कीड़ा) दिमाग तक पहुंच गया, जिसने गांठों का रूप ले लिया और जानलेवा साबित हुआ।

यह पहला मामला नहीं
इससे ठीक एक सप्ताह पहले, अमरोहा के अफगानान मोहल्ले में 11वीं कक्षा की छात्रा अहाना की भी दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार फास्ट फूड और असंतुलित भोजन की वजह से उसका पाचन तंत्र पूरी तरह खराब हो गया था। ऑपरेशन के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि असाफ-सुथरा फास्ट फूड, बिना ठीक से धोई गई सब्जियां और संतुलित आहार की कमी। इन कारणों से शरीर में संक्रमण और परजीवी (worms) तेजी से फैल सकते हैं, जो दिमाग जैसी संवेदनशील जगह तक पहुंचकर जानलेवा साबित हो सकते हैं।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले यह साफ संकेत दे रहे हैं कि फास्ट फूड और गंदे खाने की आदतें अब जान पर भारी पड़ने लगी हैं। खासकर बच्चों और युवाओं को खाने-पीने में साफ-सफाई और संतुलन का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी-सी लापरवाही जिंदगी छीन सकती है।

