Inspiration: एक पिता का खास Note, बेटी ही क्यों बेटे से भी करें Periods पर खुलकर बात

punjabkesari.in Thursday, Nov 25, 2021 - 03:48 PM (IST)

यौवन हर किशोरी के लिए एक कठिन समय होता है क्योंकि यही वक्त है जब उनके पहले पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। ज्यादातर लड़कियों के पीरियड्स 10 से 15 साल के बीच होते हैं लेकिन हर लड़की के शरीर का अपना शेड्यूल होता है। आमतौर पर, एक लड़की को उसके स्तनों के विकसित होने के लगभग 2 साल बाद और योनि स्राव शुरू होने के लगभग 6 महीने से एक साल बाद मासिक धर्म शुरू होता है।

पीरियड्स एक शर्मनाक टॉपिक क्यों?

हालांकि भारत में 'Periods' एक ऐसा Taboo Topic है जिसपर बात करने से हर कोई कतराता है। यहां लड़कों को दूर लड़कियों को भी इसकी जानकारी नहीं दी जाती है। ऐसे में कई बार लड़कियों को पब्लिक प्लेस में शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ जाता है। हालांकि कुछ जगहों पर हालात में सुधार हुआ है। हमारे पास किसी की कहानी है जो युवावस्था में शर्मिंदगी से बचाती है।

एक पिता ने शेयर किया सकारात्मक नोट

रेडिट थ्रेड के अनुसार, 'लिटिल ह्यूमन बीइंग ब्रोस' नामक व्यक्ति ने एक मां का आभार करते हुए कहानी शेयर की है, जो उसकी बेटी के लिए शर्मनाक बन सकता था या जो और भी बुरा हो सकता था। एक पिता ने लिखा, 'मैं आपके साथ एक ऐसी दुनिया में एक सकारात्मक नोट साझा करना चाहता हूं जहां हम बुरी खबरें सुनते रहते हैं।'

"उस मां को धन्यवाद जिसने बेटे को ऐसी परवरिश दी"

कहानी बताते हुए पिता ने लिखा, "मेरी बेटी को आज पहली बार बस में "पीरियड्स" आए। एक "लड़का" जो मेरी बेटी से एक साल बड़ा था, मेरी बेटी के कान में कहता है, देखो तुम्हारी पैंट पर दाग है। चौंकिए मत। मेरे स्वेटर को अपनी कमर पर लपेटों और घर जाओ। आज मैं उस लड़के की "मां" को ऐसे बच्चे की परवरिश के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।"

बेटी ही नहीं बेटे से भी करें खुलकर बात

वाकई यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए इंस्पिरेशन है जो इस बारे में लड़कियों से बात करने पर भी कतराते हैं। सिर्फ लड़कियों को ही नहीं बल्कि लड़कों को भी इस बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि लड़कियों को पब्लिक प्लेस में ऐसी शर्मिंदगी का सामना करना ना पड़ें।

Content Writer

Anjali Rajput