मोबाइल कर रहा है बच्चे की याददाश्त कमजोर!

punjabkesari.in Monday, Dec 19, 2016 - 04:39 PM (IST)

पेरेंटिंग: बदलती जीवनशैली में बच्चे खेलों को छोड़कर मोबाइल फोन, कंम्प्यूटर, वीडियों गैम आदि पर ही अपना समय बिता देते हैं। जहां इन सब चीजों के बहुत से फायदे है, वहीं कुछ नुकसान भी है। बच्चे फोन के साथ इस तरह से चिपक जाते है मानों उनको दूसरी कोई और सुदबुद ही न हो। मोबाइल फोन तो बच्चा को लिए एक खिलौना ही बन कर रह गया हैं। मोबाइल फोन की लत बहुत ही बुरी होती है एक बार लगा जाए तो आसानी से पीछा नहीं छोड़ती। इससे बच्चे के दिमाग पर ज्यादा प्रभाव और कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। 
 


1. व्यवहार में बदलाव 
अगर बच्चा बाहर जाकर खेलने के बजाए मोबाइल पर अपना समय बिताता है तो इसका सीधा असर उसके व्यवहार पर पड़ता हैं। 


2. मूड बदलना
ज्यादा फोन का इस्तेमाल करने से बच्चों का पल-पल में मूड बदलने लगता है। कभी वह खुश होते है तो कभी चिड़चिडाने लगते हैं। 


3. कमजोर याददाश्त
मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन के कारण दिमाग की सोचने की क्षमता कम होती हैं और याददाश्त कमजोर होने लगती है। 


4. सीखने की क्षमता
मोइबाइल फोन के कारण बच्चों को कुछ भी याद करने की जरूरत नहीं पड़ती। वह झट से इंटरनेट पर क्लिक करके जानकारी निकाल लेते है, जिस वजह से उनकी अपनी सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती हैं।  


5. काल्पनिक दुनिया में खोए रहना
मोबाइल पर सोशल साइट्स की आसान उपलब्ध हो जाती है। इसी के चलते बच्चे अपने रियल दोस्तों की बजाए सोशल साइट्स पर ही दोस्त बनाते हैं और उसी आभासी दुनिया में खोए रहते हैं। 

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