घर के बगीचे को बनाए हरा-भरा, बिना पैसे खर्च किए बनाए घरेलू खाद, जानिए तरीका

punjabkesari.in Tuesday, Apr 21, 2026 - 05:35 PM (IST)

नारी डेस्क: आजकल लोग अपने घरों में छत और बालकनी को हरियाली से भरने लगे हैं। छोटे-छोटे गमलों में लगे पौधे न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि हवा को शुद्ध करने और गर्मी में ठंडक बनाए रखने में भी मदद करते हैं। पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल करना भी बेहद जरूरी है। खासकर पौधों को समय-समय पर पोषण देना, ताकि वे हरे-भरे और स्वस्थ बने रहें। पौधों को पोषण देने के लिए लोग घरों में ही देसी खाद बनाकर तैयार कर सकते है। देसी खाद (जीवामृत/वर्मीकम्पोस्ट) गाय के गोबर, गोमूत्र, गुड़ और बेसन/दाल के आटे को मिलाकर 7-15 दिनों में तैयार की जाती है। यह मिट्टी की उर्वरता और पौधों की वृद्धि के लिए एक बेहतरीन, कम लागत वाली जैविक खाद है। आइए जानते हैं ऐसी ही आसान और असरदार होममेड खाद बनाने के तरीके...

दाल का पानी ( पौधों के लिए पोषण टॉनिक)

दाल का पानी पौधों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन, नाइट्रोजन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो पौधों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करते हैं। ध्यान रखें कि इसमें नमक या मसाले न हों। दाल उबालने के बाद उसका साफ पानी ठंडा करके पौधों में डालें।

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गुड़ और पानी का घोल (मिट्टी को बनाता है मजबूत)

गुड़ को पानी में घोलकर 2–3 दिन के लिए रख दें, ताकि यह हल्का फर्मेंट हो जाए। इसके बाद इस घोल को पौधों में डालें। यह मिट्टी में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाता है और पौधों को जरूरी पोषण देता है। इसका इस्तेमाल महीने में 1–2 बार ही करें।

प्याज के छिलकों की खाद (पौधों की इम्युनिटी बढ़ाए)

प्याज के सूखे छिलकों में एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स होते हैं। एक मुट्ठी छिलकों को 1 लीटर पानी में 24 घंटे भिगोकर रखें, फिर छानकर इस पानी को पौधों में डालें। यह खाद पौधों को मजबूत बनाती है और कीटों से भी बचाती है।

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घरेलू किचन वेस्ट

सब्जी के छिलके, सूखी पत्तियां, और अंडे के छिलकों को गड्ढे में सड़ाकर खाद बना सकते है, जो पौधों के लिए बहुत अच्छी होती है।

चायपत्ती की सूखी खाद 

अक्सर लोग इस्तेमाल की हुई चायपत्ती सीधे गमले में डाल देते हैं, जो नुकसान पहुंचा सकती है। इसे बनाने का सही तरीका पता होना चाहिए, ताकि पौधों को कोई नुकसान न हो। सही तरीका यह है कि चायपत्ती को पहले अच्छे से धो लें, ताकि उसमें शक्कर और दूध न रहे। फिर इसे सुखाकर मिट्टी में मिलाएं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और पौधों को हल्का नाइट्रोजन मिलता है। इससे पौधों की ग्रोथ अच्छे से होती है।   
 


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Content Editor

Pooja Gill

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