इस मंदिर में रंग बदलती है मां लक्ष्मी की प्रतिमा, दर्शन मात्र से पूरी होती है मन्नत

11/16/2020 2:48:02 PM

भारत देश में बहुत से चमत्कारी मंदिर है। सभी की अपनी-अपनी महानता है। ऐसे में लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी-देवताओं के दर्शन करने के लिए जाते हैं। खासतौर पर धन की लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग उनकी विशेष रूप से पूजा करते हैं। ताकि जीवन में अन्न व धन से जुड़ी परेशानियों का कभी सामना ना करना पड़े। तो चलिए आज हम आपको देवी लक्ष्मी का एक ऐसा मंदिर बताते हैं, जहां पर देवी मां का स्वरूप दिन में तीन बार रंग बदलता है। साथ ही 7 शुक्रवार देवी मां के दर्शन करने से मनोकामना पूरी होती है।

जबलपुर में स्थापित है देवी मां का मंदिर 

देवी लक्ष्मी का यह मंदिर मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थापित है। मंदिर का नाम पचमठा मंदिर है। इस मंदिर में देवी लक्ष्मी के साथ अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा की जाती है। यह मंदिर आज से 1100 साल पहले गोंडवाना शासन रानी दुर्गावती के सेवापति अधार सिंह के नाम से अधारताल तालाब में हुआ था। माना जाता है कि एक समय में इस मंदिर में तांत्रिक साधना होती है। खासतौर पर दिवाली के दिन देशभर के तांत्रिक इस मंदिर में इकट्ठे होकर तंत्र विद्या को इस्तेमाल करते थे। 

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देवी लक्ष्मी की प्रतिमा का 3 बार बदलता है रंग 

इस मंदिर की खासियत है कि यहां पर देवी मां की मूर्ति पर सीधी सूरज की किरणें पड़ती है। यहां के पुजारियों के अनुसार, देवी मां की प्रतिमा दिन में 3 बार रंग बदलती है। सुबह के समय मूर्ति का रंग सफेद, दोपहर के समय पीला और शाम को नीला होता है। ऐसे में इस चमत्कार को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। त्योहारों के दिनों में इस मंदिर में भक्तों की भीड़ जमा रहती है। 

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दिवाली पर होता है खास आयोजन 

दिवाली के दिन पर धन की देवी लक्ष्मी की खासतौर पर पूजा होती है। ऐसे में इस दिन पर देवी मां दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्त आकर दीया जलाते हैं। शुक्रवार के दिन भी लोग माता लक्ष्मी की पूजा करने के लिए आते हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से 7 शुक्रवार देवी मां के दर्शन करने से मनोकामना पूरी होती है।

कैसे जाएं? 

देवी मां के इस अनोखे व चमत्कारी मंदिर में सड़क, रेल व हवाई मार्ग से पहुंचा जा सकता है। 
 


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