क्या कोरोना की तरह देश में तेजी से फैल रहा है Swine Flu ? देखिए H1N1 से जुड़ी पूरी रिपोर्ट

punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 05:31 PM (IST)

नारी डेस्क: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने  राज्य के अधिकारियों के साथ दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों की समीक्षा की। शहर में इस साल H1N1 के कन्फर्म मामलों की संख्या 1,777 तक पहुच गई है और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि अच्छी बात यह है कि इस दौरान फ्लू से मौत की कोई खबर सामने नहीं आई है। 
 

यह भी पढ़ें: सर्दी-ज़ुकाम होने पर 4 साल से कम उम्र के बच्चों को अब नहीं दे सकोगे ये  कफ सिरप
 

H1N1 को लेकर किया जा रहा गुमराह

आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस बीमारी के फैलने को  "कोरोना की तरह फैलने वाला" बताया था । उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि "एक बार परिवार के किसी सदस्य को यह हो जाए, तो लगभग हर कोई बारी-बारी से बीमार पड़ जाता है।" वहीं  H1N1 पर हुई स्टडीज़ से पता चलता है कि इस वायरस के फैलने की रफ़्तार SARS-CoV-2 (जिससे कोविड-19 होता है) के मुकाबले कम तेज़ है। आम तौर पर इसकी बीमारी का असर हल्का होता है, और सालों से इसके फैलने और वैक्सीनेशन की वजह से लोगों में इसके प्रति कुछ हद तक इम्यूनिटी बन गई होगी।


2009 में हुई थी H1N1 वायरस की पहचान 

H1N1 वायरस की पहचान सबसे पहले 2009 की शुरुआत में मैक्सिको में हुई थी। जुलाई 2009 में 'साइंस' पत्रिका में छपे एक लेख में, रिसर्चर्स ने वायरस के जेनेटिक बनावट का पता लगाया और पाया कि यह कई हिस्सों से मिलकर बना था  इसके जीन पिछले कुछ दशकों से उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया में सूअरों, पक्षियों और इंसानों में अलग-अलग फैल रहे थे, और फिर ये आपस में मिलकर एक ऐसे रूप में बदल गए जो इंसानों को संक्रमित करने वाले वायरस में पहले कभी नहीं देखा गया था। इसे 'स्वाइन फ्लू' नाम इसलिए दिया गया क्योंकि वायरस के आठ जीन सेगमेंट में से ज़्यादातर उन इन्फ्लूएंज़ा वायरस से जुड़े थे जो सालों से सूअरों में फैल रहे थे। बाद में पब्लिक हेल्थ एजेंसियों ने इस नाम का इस्तेमाल बंद कर दिया और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन ने इसे "इन्फ्लूएंज़ा A(H1N1) 2009" कहना शुरू कर दिया, क्योंकि यह वायरस सीधे लोगों के बीच फैल रहा था और इसका पोर्क खाने या सूअरों के संपर्क में आने से कोई लेना-देना नहीं था।
 

यह भी पढ़ें: क्या मोबाइल ज्यादा यूज करने से होता है ब्रेन कैंसर ? स्टडी में एक- एक चीज समझाई गई विस्तार से
 

हर साल फैलता है वायरस

WHO ने 11 जून, 2009 को महामारी घोषित की और 10 अगस्त, 2010 को महामारी के दौर को आधिकारिक तौर पर खत्म कर दिया। तब से, यह वायरस  जिसे इन्फ्लूएंजा A(H1N1)pdm09 नाम दिया गया है  मौसमी इन्फ्लूएंजा A सबटाइप्स के उस समूह में शामिल हो गया है जो हर साल दुनिया भर में फैलते हैं। 'द लैंसेट इंफेक्शियस डिज़ीज़ेज़' में 2012 की एक स्टडी में अनुमान लगाया गया था कि महामारी फैलाने वाले वायरस स्ट्रेन के फैलने के पहले 12 महीनों में दुनिया भर में लगभग 284,500 लोगों की मौत सांस और दिल की बीमारियों से हुई थी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static