शादियों के लिए भारत बना पसंदीदा जगह, अचानक से बढ़ा Destination Wedding Market
punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 11:25 AM (IST)
नारी डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "वेड इन इंडिया" (Wed in India) अभियान को लगातार बढ़ावा मिलने से भारत के डेस्टिनेशन वेडिंग इकोसिस्टम पर काफ़ी असर पड़ रहा है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनियां, वेडिंग प्लानर और टूरिज़्म से जुड़े लोग देश में ही लग्ज़री वेडिंग डेस्टिनेशन के प्रति लोगों की बढ़ती दिलचस्पी देख रहे हैं। इस बदलाव से अमीर भारतीय परिवारों के डेस्टिनेशन सेलिब्रेशन के नजरिए में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, साथ ही स्थानीय टूरिज़्म इकॉनमी और हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए मौके भी बन रहे हैं।

इन जगहों की बढ़ी डिमांड
इस सीज़न में शादियों के लिए 'डेस्टिनेशन इंडिया' (भारत में शादी) का चलन है। वेस्ट एशिया में युद्ध और हवाई किराए में बढ़ोतरी के कारण लोकल जगहों पर शादी की बुकिंग में दोहरे अंकों (डबल-डिजिट) में बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में एक भाषण में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीयों को चल रहे तनाव के बीच विदेश में शादी करने से बचने की सलाह दी थी। होटल भी इस साल ज़्यादा लोगों तक पहुंचकर शादी के सेगमेंट पर अपना फ़ोकस बढ़ा रहे हैं। गोवा, आगरा, जयपुर और उदयपुर जैसी जगहों पर होटलों की मांग काफी बढ़ गई है।

देश के भीतर ही पैसा खर्च करने की अपील
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के हवाले से बताया जा रहा है कि परिवार अब विदेशों में होने वाली महंगी शादियों के बजाय देश में ही ऐसी जगहों पर शादी करना पसंद कर रहे हैं, जहां लग्जरी, आसानी से पहुंच और अपनी संस्कृति से जुड़ाव जैसी खूबियां हों। हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस "वेड इन इंडिया" (भारत में शादी) के विचार को बढ़ावा दिया था, वह अब एक बड़े टूरिज्म और आर्थिक प्रस्ताव के रूप में विकसित हो गया है। इस कैंपेन का मकसद अमीर भारतीयों को देश के भीतर ही खर्च करने के लिए प्रोत्साहित करना और साथ ही भारत को शादियों के लिए एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित करना है।

प्रीमियम वेडिंग डेस्टिनेशन का बढ़ रहा क्रेज
लग्ज़री हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। राजस्थान में मौजूद प्रॉपर्टीज़, खासकर हेरिटेज और पैलेस होटल्स में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पूछताछ और वेन्यू बुकिंग में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। WeddingWire India के अनुसार, कुछ इंटरनेशनल वेडिंग बुकिंग्स अब भारत की लग्जरी प्रॉपर्टीज में शिफ्ट हो गई हैं, क्योंकि होटल्स खुद को प्रीमियम वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर तेज़ी से प्रमोट कर रहे हैं। इस ट्रेंड की वजह से डेस्टिनेशन वेडिंग को प्लान करने और आयोजित करने के तरीकों में भी बदलाव आ रहे हैं। कई दिनों तक चलने वाले वेडिंग सेलिब्रेशन, पूरी प्रॉपर्टी को बुक करना, खास कल्चरल अनुभव और डेस्टिनेशन के हिसाब से शानदार डेकोरेशन अब लग्ज़री वेडिंग प्लानिंग का अहम हिस्सा बन रहे हैं। हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट सेक्टर तेज़ी से शादी-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं, जिसमें बीच-फ्रंट डेक, खुले लॉन, हेरिटेज-स्टाइल वेन्यू और बुटीक लग्ज़री रिसॉर्ट्स शामिल हैं।
इसका अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा फर्क
इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि देश में डेस्टिनेशन वेडिंग के इस बढ़ते चलन से स्थानीय समुदायों को भी काफी आर्थिक फायदा होगा। वेडिंग टूरिज्म से हॉस्पिटैलिटी, कैटरिंग, ट्रांसपोर्ट, डेकोरेशन, एंटरटेनमेंट, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय कारीगरों जैसे कई सेक्टर को बढ़ावा मिलता है।भारत की विवाह अर्थव्यवस्था पहले से ही विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने का अनुमान है, ऐसे में उद्योग के हितधारकों का मानना है कि "वेड इन इंडिया" आंदोलन घरेलू पर्यटन राजस्व को काफी मजबूत कर सकता है और साथ ही भारत को एक वैश्विक लक्जरी विवाह केंद्र के रूप में और स्थापित कर सकता है।

