बच्चों को तेज बुखार में हो सकता है लो BP, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जानें तुरंत क्या करें

punjabkesari.in Saturday, Aug 29, 2026 - 04:27 PM (IST)

नारी डेस्क:  बच्चों को मौसम बदलने पर बुखार होना काफी आम है। ज्यादातर मामलों में सही देखभाल से बच्चा कुछ दिनों में ठीक भी हो जाता है, लेकिन तेज बुखार के दौरान कुछ बच्चों में शरीर में पानी की कमी हो सकती है। डिहाइड्रेशन ज्यादा बढ़ जाए तो ब्लड प्रेशर यानी BP भी कम हो सकता है। खासकर जब बच्चे को बुखार के साथ उल्टी या दस्त हो रहे हों, तब शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम हो सकते हैं। इसके अलावा अगर बुखार किसी गंभीर संक्रमण की वजह से है, तो भी ब्लड प्रेशर गिरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि बच्चे की हालत कब सामान्य बुखार से आगे बढ़कर चिंता का कारण बन रही है।

कैसे पता चलेगा कि बच्चे का BP कम हो रहा है

बच्चे का BP कम होने पर हमेशा कोई एक स्पष्ट लक्षण नजर आए, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन अगर बच्चा अचानक बहुत ज्यादा सुस्त हो गया है, सामान्य तरीके से प्रतिक्रिया नहीं दे रहा या बार-बार नींद में जा रहा है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसके अलावा हाथ-पैर ठंडे पड़ना, त्वचा का रंग सामान्य से ज्यादा पीला या फीका दिखना, चक्कर या कमजोरी महसूस होना और सांस का सामान्य से तेज चलना भी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। अगर बुखार के साथ बच्चे को लगातार उल्टी या दस्त हो रहे हैं और पेशाब भी पहले की तुलना में कम हो गया है, तो शरीर में पानी की कमी की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चे को जल्द चिकित्सकीय सलाह दिलाना बेहतर है।

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डिहाइड्रेशन को बिल्कुल हल्के में न लें

तेज बुखार में शरीर का तापमान बढ़ने के साथ पसीना आ सकता है और बच्चा सामान्य से कम पानी पी सकता है। अगर इसके साथ उल्टी या दस्त भी हों, तो डिहाइड्रेशन जल्दी बढ़ सकता है। छोटे बच्चों में यह स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि उनके शरीर में पानी का भंडार कम होता है। मुंह सूखना, आंसू कम आना, पेशाब कम होना और असामान्य सुस्ती जैसे संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।

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बच्चे को तरल पदार्थ देते रहें

अगर बच्चा होश में है और सामान्य रूप से निगल पा रहा है, तो उसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ देते रहें। डिहाइड्रेशन की स्थिति में ORS सबसे उपयोगी विकल्पों में से एक है, क्योंकि यह शरीर में पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी पूरी करने में मदद करता है। बच्चे को एक साथ बहुत ज्यादा पानी पिलाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा बार-बार देना बेहतर रहता है, खासकर अगर उसे उल्टी भी हो रही हो। उम्र और स्थिति के हिसाब से डॉक्टर से पूछकर अन्य तरल पदार्थ भी दिए जा सकते हैं। अगर बच्चा बहुत सुस्त है, बेहोशी की स्थिति में है या ठीक से निगल नहीं पा रहा, तो उसे जबरदस्ती कुछ भी खिलाने-पिलाने की कोशिश न करें।

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बुखार में बच्चे को कैसे आराम दें

बच्चे को हल्के और आरामदायक कपड़े पहनाएं और कमरे को बहुत गर्म न रखें। अगर बच्चा असहज महसूस कर रहा है, तो सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से शरीर को पोंछा जा सकता है। बहुत ठंडे पानी या बर्फ का इस्तेमाल करने से बचें। इससे बच्चे को कंपकंपी हो सकती है और वह और ज्यादा असहज महसूस कर सकता है। बुखार कम करने की दवा भी बच्चे की उम्र और वजन के हिसाब से ही दी जानी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा की मात्रा तय करना ठीक नहीं है।

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए

अगर बच्चा बुखार के साथ बेहद सुस्त हो जाए, उसे जगाने में परेशानी हो, वह ठीक से प्रतिक्रिया न दे, बेहोश होने जैसा लगे या सांस लेने में परेशानी हो, तो घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। इसी तरह बहुत तेज या असामान्य सांस, लगातार ठंडे हाथ-पैर, त्वचा का असामान्य रूप से पीला या नीला पड़ना, पेशाब बहुत कम होना, लगातार उल्टी-दस्त या तेजी से बिगड़ती हालत भी तत्काल चिकित्सकीय जांच की जरूरत बताती है। ऐसी स्थिति में बच्चे को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। अगर बच्चा गंभीर रूप से बीमार नजर आ रहा है, तो केवल घर पर तरल पदार्थ देकर स्थिति संभालने की कोशिश न करें।

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एक जरूरी बात

बुखार अपने आप में हर बार खतरनाक नहीं होता और केवल बुखार देखकर यह मान लेना भी सही नहीं है कि बच्चे का BP कम हो गया है। BP की सही जानकारी के लिए उम्र के हिसाब से उचित उपकरण और चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है। सबसे अहम बात बच्चे की कुल हालत पर नजर रखना है। अगर बच्चा सामान्य रूप से पानी पी रहा है, पेशाब कर रहा है और बुखार के बावजूद सक्रिय है, तो स्थिति अलग हो सकती है। लेकिन अचानक सुस्ती, सांस में बदलाव, डिहाइड्रेशन या प्रतिक्रिया में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए।  

 
 
 


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Content Editor

Priya Yadav

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