अक्षय तृतीया से पहले सोने की बढ़ गई डिमांड, जानिए सस्ता हुआ है या महंगा ?
punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 10:07 AM (IST)
नारी डेस्क: रविवार, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया से पहले सोने की मांग और ग्राहकों का उत्साह मज़बूत बना हुआ है। कीमतें ज़्यादा होने के बावजूद, यह त्योहार कीमती धातुओं के बाजार के लिए एक मुख्य वजह बना हुआ है। इसे पिछले साल सोने से मिले 60 प्रतिशत से ज़्यादा के मुनाफ़े का भी साथ मिला है। घरेलू बाजार में मांग कमजोर रहने के कारण चांदी 5,700 रुपये लुढ़ककर 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि सोना भी फिसलकर 10 ग्राम के लिए 1.56 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

अक्षय तृतीया पर खूब खरीदा जाता है सोना
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के भारत में क्षेत्रीय CEO सचिन जैन ने कहा कि यह त्योहार खरीदारी के लिए एक अहम मौका बना हुआ है, जो खुशहाली और लंबे समय तक रहने वाले मूल्य का प्रतीक है। जैन ने कहा- "अक्षय तृतीया भारत में सोना खरीदने का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है और यह सोना खरीदने का एक अहम मौका बना हुआ है, जो खुशहाली और लंबे समय तक रहने वाले मूल्य का प्रतीक है। हालांकि इस साल की शुरुआत में कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ सावधानी वाला माहौल बना था, लेकिन मांग के मूल तत्व मज़बूत बने हुए हैं। "
युवा खरीद रहे हल्के गहने
बाज़ार में ग्राहकों के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि युवा खरीदार हल्के और आधुनिक डिज़ाइन वाले गहनों की ओर ज़्यादा आकर्षित हो रहे हैं। ग्राहक पारंपरिक गहनों की मांग को लगातार बनाए हुए हैं, जबकि युवा खरीदार हल्के, आधुनिक 22k और 18k सोने के गहनों की ओर ज़्यादा आकर्षित हो रहे हैं, क्योंकि यह उनके लिए एक पसंदीदा और आसानी से उपलब्ध निवेश का विकल्प है। कोटक नियो रिसर्च की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सिक्के और छोटी ईंटों जैसे निवेश-केंद्रित उत्पादों की मांग में ज़बरदस्त तेज़ी देखी जा रही है। यह भारत में उपभोग के तरीकों में धीरे-धीरे आ रहे बदलाव को दिखाता है, जिसमें लोग अब सिर्फ़ गहनों के तौर पर सोना रखने के बजाय निवेश करने की ओर बढ़ रहे हैं।

सोने में उतार- चढ़ाव है जारी
रिपोर्ट में कहा गया कि सोने की मांग, कीमत के लिहाज़ से, मज़बूत बनी रहने की उम्मीद है, हालांकि ज़्यादा कीमतों की वजह से गहनों की बिक्री की मात्रा में कुछ कमी आ सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है- "सिक्के और छोटी ईंटों जैसे निवेश-केंद्रित उत्पादों की मांग में ज़बरदस्त तेजी आने की संभावना है, जिससे व्यावहारिक और आसानी से बेचे जा सकने वाले (लिक्विडिटी-फ्रेंडली) विकल्पों की ओर लोगों का रुझान जारी रहेगा।" सोने के प्रति भारत का गहरा लगाव आज भी बरकरार है, लेकिन उपभोग के तरीके धीरे-धीरे बदल रहे हैं लोग अब सिर्फ़ सोना रखने के बजाय उसमें निवेश करने को ज़्यादा तरजीह दे रहे हैं। MCX पर सोने की कीमतें मार्च के निचले स्तरों से लगभग 30 प्रतिशत तक ऊपर उठकर अब 1,50,000 रुपये से भी ज़्यादा के स्तर पर कारोबार कर रही हैं। हालांकि तकनीकी रुकावट 1,60,000 रुपये और 1,75,000 रुपये के बीच बनी हुई है, लेकिन त्योहारों की शुरुआत के साथ ही बुलियन (कीमती धातुओं) का मूल रुझान सकारात्मक बना हुआ है।

