गणपति बप्पा को विदाई देने के बाद कहां रखें नारियल, कलश और दुर्वा? जानिए काम की बात
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 06:29 PM (IST)

नारी डेस्क: गणपति उत्सव गणेश चुतर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक चलता है। इस दौरान जगह-जगह पर गणेश जी का भव्य पंडाल सजाया जाता है और बप्पा के मंदिरों में खास पूजा-अर्चना की जाती है। हालांकि गणेश विसर्जन के बाद कई लोगों को यह समझ नहीं आता कि नारियल, कलश जल और दुर्वा जैसी पूजन सामग्री का क्या करना चाहिए। शास्त्रों में इनके लिए विशेष नियम बताए गए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं।

गणेश विसर्जन के बाद पूजन सामग्री का सही उपयोग
विसर्जन के समय जो नारियल गणपति जी को अर्पित किया जाता है, उसे विसर्जन के बाद घर में प्रसाद के रूप में बांटना चाहिए। इसे परिवार क बीच साझा करना शुभ माना जाता है। इससे घर में संपन्नता और सुख-समृद्धि बनी रहती है। पूजन में रखा हुआ कलश बहुत पवित्र माना जाता है। इस जल को Tulsi या पीपल के पेड़ की जड़ों में अर्पित करें या घर के मंदिर/आंगन में छिड़क दें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
दुर्वा (घास) को लेकर करें ये उपाय
गणपति जी को अर्पित दुर्वा बहुत पवित्र मानी जाती है। विसर्जन के बाद इसे किसी पवित्र नदी, तालाब या पीपल के पेड़ की जड़ में छोड़ देना चाहिए। चाहें तो कुछ दुर्वा सुखाकर अपने पूजा स्थान में रख लें, यह संकट निवारण और बुरी नजर से बचाने वाला उपाय माना जाता है।

गणपति विसर्जन के समय ध्यान रखने योग्य बातें
विसर्जन से पहले आरती, मंत्रोच्चार और भजन अवश्य करें। गणपति जी को विदा करते समय उनसे प्रार्थना करें कि- "जल्दी वापस आने का वचन दें, घर-परिवार पर आशीर्वाद बनाए रखें"। विसर्जन के समय शोर-शराबा और नशा न करें, यह अशुभ माना जाता है। कोशिश करें कि इको-फ्रेंडली विसर्जन ही करें ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो। अगर नारियल, कलश जल और दुर्वा को इस तरह से श्रद्धा और नियमों के अनुसार रखा जाए तो घर-परिवार पर सालभर णपति बप्पा की कृपा, समृद्धि और शांति बनी रहती है।