पॉजिविटी भी बदल जाएगी नेगेटिविटी में, अगर गलत जगह होगा फिश एक्वेरियम !

punjabkesari.in Monday, Aug 21, 2023 - 04:26 PM (IST)

हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र के नियमों का महत्व है। मान्यता है कि घर में रखी हर एक चीज की एक एनर्जी होती है चाहे positive हो या negative। इसका असर घर में मौजूद लोगों की जिंदगी पर भी पड़ता है। वहीं वास्तु शास्त्र के नियमों के हिसाब से घर में फिश एक्वेरियम रखना बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इससे घर में खुशहाली आती है। फिश एक्वेरियम घर की सुंदरता में चार- चांद लगा देते हैं। उनमें रखी सुंदर रंगीन मछलियां देखकर मन को सुकून मिलता है। ऐसा भी माना जाता है कि ये मछलियां घर के सदस्यों पर आ रहे संकटों को टाल देती है। वहीं घर में एक्वेरियम रखने में धन में वृद्धि होती है। बता दें कि हिंदू धर्म में मछली यानी की मत्स्य को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, इसलिए भी लोग इसे घर में रखते हैं ताकि भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिल। वहीं कई लोग घर से बाहर जाते हुए भी मछली के दर्शन करने को शुभ मानते हैं। लेकिन घर में एक्वेरियम रखा है तो कुछ वास्तु नियमों  पर ध्यान देना बहुत जरुरी है। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में....

कितनी मछलियां हो फिश टैंक में

वास्तु के अनुसार ऊर्जा के सकारात्मक प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए आपको अपने फिश टैंक या एक्वेरियम में 9 मछलियां रखनी चाहिए। लेकिन साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि आपको एक ऐसा टैंक रखना चाहिए जिसमें मछलियों को तैरने के लिए पर्याप्त स्थान मिल सके। कभी भी क्षमता के कम जगह वाला एक्वेरियम घर में न रखें।

किस दिशा में हो फिश टैंक

एक्वेरियम में बहता पानी प्रगति को दर्शाता है। वास्तुशास्त्र में पानी की दिशा उत्तरपूर्व है। घर का उत्तरी भाग करियर को प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए जब भी एक्वेरियम रखें तो उसे पूर्व या उत्तरपूर्व दिशा में रखें। उत्तर पूर्व दिशा में एक्वेरियम शुभ परिणाम देता है। इस दिशा में रखा एक्वेरियम पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो करता है, जिससे जीवन में शांति और खुशहाली बनी रहती है। एक्वेरियम को मेन गेट के बाईं दिशा में रखनी चाहिए, जिससे आने जाने वाले की नजर पड़े।

इस रंग की मछली होती है शुभ

काले रंग की मछली को एक खास महत्व होता है। माना जाता है कि काले रंग की मछली सुरक्षा का प्रतीक होती है। काली मछली घर की नकारात्मक ऊर्जा को मिटाती है। अपने काले रंग के कारण वो घर की नेगेटिव एनर्जी को खुद की ओर आकर्षित करती है, माहौल में फैली नेगेटिव एनर्जी को खुद में सोखकर वातावरण को सकारात्मक बनाती है। इस कारण अक्सर कई बार काली मछली की मौत जल्दी हो जाती है। किसी भी मछली के मरने के तुरंत बात उसकी जगह नई मछली रखने की सलाह दी जाती है।

एक्वेरियम से जुड़े अन्य वास्तु टिप्स

- अगर आपने  लिविंग रुम में एक्वेरियम रखा है तो इसे दक्षिण- पश्चिम दिशा में रखें ताकि आगंतुकों की नजर सीधे उस पर पड़े। जैसे घर के पूर्वमुखी है तो आंगतुकों की नजर लिविंग रुम के सीधे वेस्ट कॉर्नर पर पड़ेगी। अगर नहीं तो आप इसे उत्तर दिशा में रखें।

- एक्वेरियम को लिविंग रुम के बजाए कहीं और रखना चाहते हो तो उत्तर दिशा में रखें। एक्वेरियम को कभी भी बेडरुम या किचन में नहीं रखना चाहिए।

- एक्वेरियम गोल या आयातकार ज्यादा अच्छा होता है और इसे साफ करना भी आसान होता है।

- एक्वेरियम के पानी को साफ रखें और बदलते रहें। इस बात का भी ध्यान रखें कि पानी का फ्लो बना रहे, स्थिर पानी घर के उन्नति में बाधक बनता है।


 

 

Content Editor

Charanjeet Kaur