फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका: दिग्गज फिल्ममेकर का कार्डियक अरेस्ट से निधन
punjabkesari.in Wednesday, Jun 10, 2026 - 09:58 AM (IST)
नारी डेस्क: तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी फिल्मों से भारतीय सिनेमा को नई पहचान देने वाले दिग्गज निर्देशक Bharathiraja का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही तमिल सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। दशकों तक अपनी अनूठी कहानी कहने की शैली और ग्रामीण जीवन को पर्दे पर जीवंत तरीके से दिखाने वाले भारतीराजा अब हमारे बीच नहीं रहे।
लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस
बताया जा रहा है कि भारतीराजा लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। बुधवार सुबह चेन्नई में उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों, निर्देशकों और प्रशंसकों में शोक का माहौल है।
बेटे की मौत के बाद टूट गए थे भारतीराजा
साल 2024 में उनके बेटे मनोज का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। महज 48 साल की उम्र में बेटे को खोने का दर्द भारतीराजा कभी भुला नहीं पाए। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, इस घटना ने उन्हें भीतर से झकझोर दिया था। बेटे के जाने के बाद उनकी सेहत लगातार गिरती चली गई और वे धीरे-धीरे सार्वजनिक जीवन से भी दूर हो गए।
Devastated to know that our most beloved, loved and respected Director, the legendary #BharathiRaaja avl is no longer with us. His demise is a gloomy cloud in tamil cinema. His films have been bench marks and shall continue to be the actual school of film making. He leaves behind… pic.twitter.com/p5a6yhn95y
— KhushbuSundar (@khushsundar) June 10, 2026
फिल्म इंडस्ट्री ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
निर्देशक के निधन पर तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने गहरा शोक व्यक्त किया। संस्था ने अपने संदेश में कहा कि भारतीराजा सिर्फ एक महान निर्देशक ही नहीं, बल्कि तमिल सिनेमा की एक मजबूत पहचान थे। उनके जाने से फिल्म जगत ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।
खुशबू सुंदर ने साझा की भावुक यादें
अभिनेत्री और राजनेता Khushbu Sundar ने भी सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि भारतीराजा की फिल्में आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा सीख और प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। खुशबू ने यह भी बताया कि निर्देशक की एक इच्छा थी कि वे उनके साथ एक खास फिल्म करें, लेकिन अब वह सपना अधूरा ही रह गया।
ये भी पढ़ें: फिर प्यार में पड़ीं Jennifer Winget! कौन हैं वो शख्स जिनसे करेंगी 12 साल बाद दूसरी शादी
ग्रामीण कहानियों को दी नई पहचान
भारतीराजा को भारतीय सिनेमा में गांव, खेत-खलिहान और आम लोगों की जिंदगी को बड़े पर्दे पर खूबसूरती से दिखाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने ऐसे समय में ग्रामीण विषयों पर फिल्में बनाईं, जब ज्यादातर फिल्में शहरों और ग्लैमर के इर्द-गिर्द घूमती थीं। उनकी फिल्मों ने दर्शकों को जमीन से जुड़ी कहानियों से जोड़ने का काम किया।
इन फिल्मों ने बनाया सिनेमा का दिग्गज नाम
भारतीराजा ने 1977 में फिल्म 16 Vayathinile से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई यादगार फिल्में दीं चार दशक से भी अधिक लंबे करियर में उन्होंने 40 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया और तमिल सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। सिनेमा में हमेशा जीवित रहेगी उनकी विरासत भारतीराजा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनके किरदार और उनकी कहानियां हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगी। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान अमूल्य है और आने वाली पीढ़ियां उन्हें एक ऐसे फिल्मकार के रूप में याद करेंगी, जिन्होंने सिनेमा को जमीन से जोड़ने का काम किया।

