हद से ज्यादा खुश होना है जानलेवा, हंसने से भी आ सकता है Heart Attack : Report
punjabkesari.in Wednesday, Jul 22, 2026 - 11:10 AM (IST)
नारी डेस्क: आपने कभी ना कभी ये कहावत जरुर सुनी होगी कि 'जितना हंसोगे उतना रोना पड़ेगा'। यह कहावत दिल के लिए सही बैठती है क्योंकि आपका ज्यादा हंसना भी आपके हार्ट के लिए सेफ नहीं है। एक नई स्टडी से पता चला है कि अत्यधिक खुशी कभी-कभी दिल की गंभीर बीमारी की वजह बन सकती है। ऑक्सफ़ोर्ड मेडिकल केस रिपोर्ट्स में छपी एक नई केस स्टडी, एक 65 साल की महिला की अनोखी कहानी बताती है जो अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के बाद इतनी ज़्यादा खुश थी कि डॉक्टरों को लगा कि उसे हार्ट अटैक आ गया है।

महिला को खुश होना पड़ गया भारी
केस स्टडी के लेखकों ने बताया कि सबसे पहले, जब महिला ने अपने सीने में दर्द के लिए मेडिकल सलाह ली, जो उसे कुछ महीने पहले भी हुआ था, तो उसे "तुरंत इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भेजा गया, लेकिन किन उसके टेस्ट के नतीजे कन्फ्यूजिंग आए। ऐसा लगा कि उसके दिल में खून का बहाव कम हो गया है, और यह आमतौर पर खून के थक्के की वजह से होता है लेकिन ऐसा कोई क्लॉट नहीं मिला। इसके बजाय, उसके बाएं वेंट्रिकल में एक अजीब सा उभार दिखा, जिससे दिल कमज़ोर हो रहा था और पूरे शरीर में खून को अच्छे से पंप करने की उसकी क्षमता कम हो रही थी। यह अचानक और बहुत ज़्यादा खुशी का संकेत है।
ये TTS क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगर एक साथ बहुत ज़्यादा खुशी या पॉज़िटिव एक्साइटमेंट हो, तो यह दिल पर बेवजह दबाव डाल सकता है, जिससे उसका आकार ही बदल सकता है। इस अजीब सिंड्रोम का नाम ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी (TTS) है, यह एक दुर्लभ और अनदेखी की जाने वाली स्थिति है जो एक्यूट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन, या हार्ट अटैक जैसी ही होती है। हालांकि यह ठीक हो सकता है, लेकिन यह मामूली नहीं है और जानलेवा हो सकता है।

शुरूआत में नहीं दिखते लक्षण
TTS बहुत ज़्यादा इमोशनल अनुभवों से होता है, चाहे वे अच्छे हों (जैसे शादी) या बुरे (जैसे ब्रेकअप)। इसके बुरे रूप को "ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम" कहा जाता है, लेकिन इसके दूसरे पहलू को "हैप्पी हार्ट सिंड्रोम" कहते हैं, जो पॉज़िटिव इमोशन्स की बाढ़ से होता है।रिसर्च से पता चलता है कि जिन मरीज़ों में हार्ट अटैक का शक होता है, लेकिन उनके बाएं वेंट्रिकल में क्लॉट (खून का थक्का) के लक्षण नहीं मिलते, उनमें से लगभग 1-3 प्रतिशत मरीज़ असल में TTS से पीड़ित हो सकते हैं। यह बहुत कम प्रतिशत है, और हैप्पी हार्ट सिंड्रोम के मामले में तो यह और भी कम है। TTS के रिपोर्ट किए गए मामलों में से केवल 4 प्रतिशत ही पॉज़िटिव इमोशन्स की वजह से होते हैं। केस स्टडी के लेखक कहते हैं- "हैप्पी हार्ट सिंड्रोम में लक्षण कम गंभीर हो सकते हैं और शॉर्ट-टर्म नतीजे बेहतर हो सकते हैं।"
इस तरह रखें अपना ध्यान
सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और अचानक घबराहट होना ऐसे लक्षण हैं, जो पहली नजर में बिल्कुल पारंपरिक हार्ट अटैक जैसे दिखाई देते हैं। हालांकिये लक्षण हैप्पी हार्ट सिंड्रोम के कारण उभर सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा इस सिंड्रोम के लक्षण ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम की तुलना में थोड़े हल्के होते हैं । इसलिए अगर लगातार सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हो रहे हों तो सबसे पहले नजदीकी अस्पताल जाकर ईसीजी कराएं। अत्यधिक खुशी या दुख के पलों में अपनी भावनाओं को अधिक हावी न होने दें और गहरी सांस लेकर खुद को शांत रखने का प्रयास करें। इसके अलावा, योगाभ्यास, संतुलित दिनचर्या और पर्याप्त नींद से नर्वस सिस्टम मजबूत रहता है, जिससे शरीर स्ट्रेस हॉर्मोन के अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से संभाल पाता है। दिल की सेहत बनाए रखने के लिए समय-समय पर जांच कराना जरूरी है।

