मामूली बुखार समझकर न करें इग्नोर, दिल्ली-NCR में फैल रहा है स्वाइन फ्लू!
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 04:20 PM (IST)
नारी डेस्क : बदलते मौसम और मानसून के बीच दिल्ली-NCR में H1N1 इन्फ्लुएंजा, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है, के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली में इस साल अब तक 1,449 H1N1 मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि के 229 मामलों से करीब छह गुना ज्यादा हैं। अस्पतालों में बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि हर बुखार या खांसी को स्वाइन फ्लू मानने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सामान्य वायरल इंफेक्शन और फ्लू के शुरुआती लक्षण काफी मिलते-जुलते हो सकते हैं। लेकिन तेज बुखार, कंपकंपी, शरीर में ज्यादा दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
मौसम बदलते ही क्यों बढ़ते हैं फ्लू के मामले
मॉनसून और मौसम में बदलाव के दौरान तापमान और वातावरण की परिस्थितियां श्वसन संक्रमण के प्रसार के लिए अनुकूल हो सकती हैं। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाली जगहों पर लंबे समय तक रहना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना भी संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ाता है। दिल्ली-NCR में डॉक्टरों ने हाल के हफ्तों में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों में बढ़ोतरी देखी है। गुरुग्राम के एक अस्पताल के डॉक्टर ने भी बताया कि ओपीडी में खांसी, सर्दी और तेज बुखार वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है और जांच में H1N1 संक्रमण भी सामने आ रहा है।

स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण क्या हैं
H1N1 होने पर तेज बुखार इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकता है। इसके साथ ठंड लगना या कंपकंपी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर और हाथ-पैरों में दर्द, कमजोरी तथा थकान महसूस हो सकती है। कुछ मरीजों में खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। बच्चों में कभी-कभी पेट से जुड़ी शिकायतें, जैसे दस्त, भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए केवल खांसी-जुकाम देखकर इसे सामान्य वायरल मान लेना ठीक नहीं है।
सामान्य सर्दी-जुकाम से कैसे अलग है फ्लू
सामान्य सर्दी-जुकाम अक्सर हल्का रहता है, जबकि इन्फ्लुएंजा में अचानक तेज बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द और शरीर में ज्यादा दर्द हो सकता है। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर H1N1 की पक्की पहचान हमेशा संभव नहीं होती। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
इन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
फ्लू किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों, खासकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा डायबिटीज, अस्थमा, हृदय या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों, कैंसर मरीजों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी संक्रमण को लेकर सतर्क रहना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी फ्लू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
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फेफड़ों तक पहुंचा संक्रमण तो बढ़ सकती है परेशानी
H1N1 मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। ज्यादातर मामलों में मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर होकर फेफड़ों तक पहुंच सकता है और निमोनिया जैसी जटिलताएं पैदा कर सकता है। अगर बुखार लगातार बना हुआ है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है, सीने में परेशानी है या मरीज की हालत तेजी से बिगड़ रही है, तो घर पर इंतजार करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

हल्के लक्षण हों तो क्या करें
अगर लक्षण हल्के हैं, तो पर्याप्त आराम और पानी पीना मददगार हो सकता है। गले में परेशानी होने पर गर्म पानी से गरारे किए जा सकते हैं। शरीर को आराम देना और अपनी हालत पर नजर रखना जरूरी है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि खुद से एंटीबायोटिक या कोई दूसरी दवा शुरू न करें। फ्लू वायरल संक्रमण है और दवाओं की जरूरत मरीज की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय की जानी चाहिए।
संक्रमण से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या नजदीकी संपर्क के जरिए फैल सकता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसे दूसरों से दूरी रखने और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना और बार-बार चेहरे को छूने से बचना भी संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।

कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है
तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी, लगातार बिगड़ती हालत या किसी हाई-रिस्क व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।दिल्ली में इस साल H1N1 मामलों में हुई बढ़ोतरी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह साफ है हर बुखार को स्वाइन फ्लू समझकर घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन लगातार या गंभीर लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज भी न करें।

