चक्रवात ''अर्नब'' ने मचाई तबाही! कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी जारी, उखड़े पेड़

punjabkesari.in Wednesday, Oct 28, 2026 - 09:53 AM (IST)

नारी डेस्क:  राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बुधवार सुबह 'अर्नब' नामक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान के आंध्र प्रदेश तट को पार करने की प्रक्रिया जारी रही। दोपहर तक इसके पूरी तरह से तट पार कर जाने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, यह ज़्यादा भीषण चक्रवाती तूफ़ान था और इसकी अधिकतम हवा की रफ़्तार 125-135 किलोमीटर प्रति घंटा थी। श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी और कृष्णा जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी है।

PunjabKesari
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनके अनुसार, तट को पार करने की प्रक्रिया पिछले दो घंटों से लगातार चल रही है। अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, प्रभावित इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, और फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि चक्रवात से गोदावरी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। 

PunjabKesari
इस बीच, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात के प्रभाव और राहत कार्यों को लेकर एक टेलीकांफ्रेंस की। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जानी चाहिए। प्रभावित इलाकों के लोगों को यह भरोसा दिलाया जाना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं। 'माना मित्र' (Mana Mitra) प्रणाली, जिसे चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को सरकार के ध्यान में लाने के लिए बनाया गया था, उसका पूरी क्षमता से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़कों पर गिरे पेड़ों को अगले दो घंटों के भीतर हटा दिया जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर गिरे पेड़ों को तुरंत (रियल-टाइम में) हटाया जाना चाहिए।

PunjabKesari
सीएम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, वहां तेज हवाएं थमते ही बिजली सेवा बहाल कर दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित करें कि चक्रवात आश्रय स्थलों (साइक्लोन शेल्टर) में भोजन, पीने के पानी या चिकित्सा सुविधाओं की कोई कमी न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खेतों में पानी घुसने से रोकने और बागवानी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा, "तालाबों और नहरों के तटबंधों को टूटने से बचाने के लिए मजबूत उपाय लागू करें।" मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से NDRF और SDRF की टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखने के लिए कहा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static