बच्चे पर गर्म पानी या दूध गिर जाए तो घबराएं नहीं, तुरंत करें ये काम!
punjabkesari.in Friday, Oct 23, 2026 - 05:48 PM (IST)
नारी डेस्क : छोटे बच्चे खेलते समय अक्सर ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे उन्हें चोट लग सकती है। कई बार गर्म पानी, दूध, चाय या कोई दूसरी गर्म चीज बच्चे के हाथ-पैर या शरीर पर गिर जाती है। ऐसी स्थिति में माता-पिता घबरा जाते हैं और तुरंत राहत देने के लिए जली हुई त्वचा पर बर्फ, नारियल का तेल या टूथपेस्ट लगा देते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सही है? डॉक्टर ने बताया है कि बच्चे के जलने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना जरूरी है।
बच्चे के जलने पर क्या कहती हैं Expert?
डॉक्टर के अनुसार, अगर बच्चा गर्म पानी, दूध या किसी गर्म चीज से जल जाता है, तो सबसे पहले जले हुए हिस्से को ठंडा करना चाहिए। इस दौरान त्वचा पर बर्फ, टूथपेस्ट, नारियल का तेल, घी या कोई अन्य घरेलू नुस्खा लगाने से बचें। ये चीजें जलने का सही इलाज नहीं हैं और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सबसे जरूरी है कि समय रहते सही First Aid दिया जाए।

बच्चे के कपड़े और गहने सावधानी से हटाएं
अगर जले हुए हिस्से के आसपास कपड़े, कड़ा, घड़ी या कोई गहना पहना हुआ है, तो उसे सावधानी से हटा दें। जलने के बाद त्वचा में सूजन आ सकती है, इसलिए गहने हटाना जरूरी हो सकता है। हालांकि, अगर कपड़ा त्वचा से चिपक गया है, तो उसे खींचकर निकालने की कोशिश न करें। इससे त्वचा को और नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में डॉक्टर की मदद लें।
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जले हुए हिस्से को ठंडे बहते पानी के नीचे रखें
अगर बच्चे की त्वचा पर गर्म पानी, दूध या कोई गर्म चीज गिर जाए, तो सबसे पहले जले हुए हिस्से को नल के ठंडे बहते पानी के नीचे करीब 20 मिनट तक रखें। इससे त्वचा की गर्मी कम करने और जलने से होने वाले नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है। ध्यान रखें कि पानी ठंडा हो, लेकिन बर्फ जैसा जमा देने वाला ठंडा न हो। जले हुए हिस्से पर सीधे बर्फ न लगाएं। साथ ही, बच्चे के शरीर के बाकी हिस्से को गर्म रखें, ताकि उसे ठंड न लगे।

जली हुई त्वचा पर क्या लगाएं?
जले हुए हिस्से को ठंडा करने के बाद उसे साफ, नॉन-स्टिक ड्रेसिंग से ढीले तरीके से ढक सकते हैं। जरूरत पड़ने पर साफ क्लिंग फिल्म का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, लेकिन उसे त्वचा पर कसकर न लपेटें। चेहरे पर क्लिंग फिल्म न लगाएं। जले हुए हिस्से पर टूथपेस्ट, घी, तेल, मक्खन, बर्फ या बिना डॉक्टर की सलाह के कोई क्रीम न लगाएं। अगर फफोले बन गए हैं, तो उन्हें फोड़ने की कोशिश भी न करें।
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बच्चे को कब डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए?
बच्चों की त्वचा नाजुक होती है, इसलिए जलने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर बच्चे की त्वचा पर फफोले पड़ गए हैं, जला हुआ हिस्सा बड़ा है या त्वचा सफेद, काली अथवा गहरी जली हुई दिखाई देती है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। चेहरे, हाथों, पैरों, निजी अंगों या जोड़ों के आसपास जलने पर भी जल्द डॉक्टर को दिखाएं। शिशु के जलने पर विशेष सावधानी बरतें और चिकित्सा सलाह लें। अगर जलने की चोट गंभीर है, बच्चा सुस्त हो रहा है या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत इमरजेंसी सहायता लें।

बच्चे के जलने पर इन गलतियों से बचें
जली हुई त्वचा पर सीधे बर्फ न लगाएं।
टूथपेस्ट, घी, तेल या मक्खन लगाने से बचें।
त्वचा से चिपके कपड़े को खींचकर न हटाएं।
जले हुए हिस्से पर बने फफोलों को न फोड़ें।
गंभीर जलने की स्थिति में घरेलू उपचार के भरोसे न रहें।
नोट: बच्चे के जलने पर सबसे पहले जले हुए हिस्से को 20 मिनट तक ठंडे बहते पानी के नीचे रखना महत्वपूर्ण First Aid है। इसके बाद चोट की गंभीरता के अनुसार डॉक्टर की मदद लें। सही समय पर की गई देखभाल बच्चे की त्वचा को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकती है।

