93% भारतीय  प्रोटीन को लेकर हैं Confused, चिकन, दाल, नट्स सब कुछ खा रहे एक साथ

punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 01:40 PM (IST)

नारी डेस्क: एक रिपोर्ट के अनुसार, अब लगभग हर दो में से एक भारतीय उपभोक्ता अपने हर खाने में प्रोटीन शामिल करता है, फिर भी जो लोग अपने प्रोटीन सेवन पर सक्रिय रूप से नज़र रखते हैं, उनमें से 93 प्रतिशत लोग प्रोटीन से जुड़ी जानकारी को लेकर अनिश्चित महसूस करते हैं। यह जागरूकता और समझ के बीच एक बड़े अंतर को उजागर करता है। "इंडियाज़ प्रोटीन पैराडॉक्स" (India's Protein Paradox) नाम की इस रिपोर्ट में प्रोटीन के सेवन की बदलती आदतों, खान-पान की पसंद और पोषण से जुड़े फैसलों को समझने के लिए पूरे भारत में 2,000 उपभोक्ताओं का सर्वे किया गया।
 

यह भी पढ़ें:  तीन बेटियां पर आखिरी वक्त में कोई नहीं था इस बेबस पिता के पास , ऑनलाइन ही करवा दिया अंतिम संस्कार 
 

प्रोटीन सेवन पर नजर रखते हैं लोग

रिपोर्ट में कहा गया है- "प्रोटीन का सेवन अब सिर्फ़ फिटनेस के शौकीनों तक सीमित नहीं है। लगभग हर दो में से एक उपभोक्ता हर खाने में प्रोटीन शामिल करता है, 41 प्रतिशत लोग सक्रिय रूप से अपने प्रोटीन सेवन पर नज़र रखते हैं या उसका अनुमान लगाते हैं, और लगभग हर दो में से एक व्यक्ति खाद्य उत्पाद खरीदने से पहले नियमित रूप से न्यूट्रिशन लेबल (पोषण संबंधी जानकारी) की जांच करता है।" हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रोटीन के साथ ज़्यादा जुड़ाव का मतलब यह ज़रूरी नहीं है कि उसकी बेहतर समझ भी हो। प्रोटीन सेवन पर नियमित रूप से नज़र रखने वाले 93 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने प्रोटीन से जुड़ी जानकारी के बारे में अनिश्चितता जताई। यहां तक ​​कि जो लोग मानते हैं कि वे अपनी प्रोटीन की ज़रूरतों को समझते हैं, उनके सेवन के तरीके भी एक जैसे नहीं हैं।


खुद रिसर्च कर प्रोटीन ले रहे भारतीय

रिपोर्ट से यह भी पता चला कि प्रोटीन को लेकर भारतीय उपभोक्ताओं की सोच एक जैसी नहीं है। जहां कई लोग प्रोटीन को मांसपेशियों के निर्माण और फिटनेस से जोड़ते हैं, वहीं अन्य लोग इसे मुख्य रूप से समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानते हैं। प्रोटीन से जुड़ी पसंद अब पोषण संबंधी जरूरतों की आम समझ के बजाय खुद की रिसर्च, निजी अनुभवों और जीवनशैली के लक्ष्यों से ज़्यादा तय हो रही है। जहां आधे लोगों का मानना ​​है कि प्राकृतिक खाद्य पदार्थ सप्लीमेंट्स की तुलना में प्रोटीन का बेहतर स्रोत हैं, वहीं केवल 19 प्रतिशत लोग प्रोटीन से जुड़ी सलाह के लिए डॉक्टरों या न्यूट्रिशनिस्ट पर निर्भर रहते हैं। इससे पता चलता है कि उपभोक्ता पोषण से जुड़े फैसले खुद लेना पसंद करते हैं।
 

यह भी पढ़ें: फेमस इन्फ्लुएंसर का LIVE स्ट्रीमिंग के दौरान हुआ मर्डर, लाखों फॉलोअर्स को लगा गहरा सदमा
 

मांसाहारी लोग भी दाल और नट्स पर कर रहे भरोसा

सर्वे में शामिल 71 प्रतिशत से ज़्यादा लोगों का मानना ​​है कि प्रोटीन सस्ता है या थोड़ा ही महंगा है... जो लोग अपनी रोज़ाना की प्रोटीन की ज़रूरत को समझने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं, उनमें से 67 प्रतिशत सस्ते और आसानी से मिलने वाले विकल्प पसंद करते हैं, जबकि बाकी लोग एक्सपर्ट की सलाह, प्रोडक्ट के बारे में साफ़ जानकारी, जानकारी देने वाला कंटेंट और अपनी ज़रूरतों के हिसाब से न्यूट्रिशन प्लान चाहते हैं, । रिपोर्ट में प्रोटीन चुनने में खान-पान की पसंद की भूमिका पर भी ज़ोर दिया गया। उदाहरण के लिए, मांसाहारी लोग भी अपनी प्रोटीन की ज़रूरत पूरी करने के लिए 31.4 प्रतिशत तक दाल और नट्स जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन पर निर्भर रहते हैं, जबकि शाकाहारी लोग मुख्य रूप से डेयरी प्रोडक्ट, दाल और नट्स से प्रोटीन पाते हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static