भारत में तेजी से बढ़ रहे स्ट्रोक के केस, रोज 30 मिनट धूप से होगी रिकवरी में मदद
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 06:26 PM (IST)
नारी डेस्क : एम्स दिल्ली में हाल ही में स्ट्रोक को लेकर एक बड़ी स्टडी की गई है, जिसमें पता चला है कि रोजाना सिर्फ 30 मिनट की धूप, अगर इसे नियमित इलाज के साथ लिया जाए, तो स्ट्रोक मरीजों की रिकवरी बेहतर हो सकती है और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार आ सकता है। यह स्टडी एम्स के पांचवें रिसर्च डे पर पेश की गई।
स्ट्रोक मरीजों के लिए धूप कितनी फायदेमंद
स्ट्रोक से उबरने की प्रक्रिया अक्सर लंबी और चुनौतीपूर्ण होती है। मरीजों को लंबे समय तक फिजिकल थेरेपी और रिहैबिलिटेशन की जरूरत पड़ती है, जो कई लोगों के लिए महंगी या आसानी से उपलब्ध नहीं होती। भारत में स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के अनुसार, 2021 में भारत में करीब 12.5 लाख नए स्ट्रोक के केस सामने आए थे, जबकि लगभग 94 लाख लोग स्ट्रोक के लंबे समय के प्रभावों के साथ जीवन जी रहे हैं।
एम्स के डॉक्टरों ने यह जानने की कोशिश की कि क्या प्राकृतिक धूप, अगर स्टैंडर्ड पोस्ट-स्ट्रोक इलाज के साथ जोड़ी जाए, तो रिकवरी में मदद कर सकती है। स्टडी में पाया गया कि जिन मरीजों को नियमित इलाज के साथ धूप दी गई, उनकी लाइफ क्वालिटी और मूड, नींद में सुधार देखा गया। किसी भी गंभीर साइड इफेक्ट की जानकारी नहीं मिली।

स्टडी का तरीका
यह स्टडी नवंबर 2023 से अप्रैल 2025 के बीच की गई। इसमें 18 से 80 वर्ष उम्र के ऐसे मरीज शामिल थे, जिन्हें पिछले एक महीने में मध्यम स्तर का स्ट्रोक हुआ था। कुल 200 से अधिक मरीजों की जांच के बाद 40 मरीजों को चुना गया और दो समूहों में बांटा गया।
पहला समूह: सामान्य मेडिकल और रिहैबिलिटेशन देखभाल मिली।
दूसरा समूह: वही इलाज + 15 दिनों तक हर दूसरे दिन 30 मिनट धूप में बैठाया गया।
ये भी पढ़ें: मंकी फीवर का कहर: युवा हो रहे वायरस का शिकार, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क

धूप की तीव्रता 10,000 से 25,000 लक्स के बीच रखी गई, जो हल्की आउटडोर धूप के बराबर होती है। पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीजों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया।
रिसर्च में मिले नतीजे
स्टडी में पाया गया कि धूप शरीर की नींद की लय को सुधारने, विटामिन D का स्तर बढ़ाने और सूजन कम करने में मदद कर सकती है। इससे स्ट्रोक के बाद रिकवरी तेज होती है। मरीजों को तीन महीने तक फॉलो-अप में रखा गया। इस दौरान उनकी दैनिक गतिविधियां, मूवमेंट, मूड, नींद और समग्र स्वास्थ्य का आकलन किया गया। हालांकि, ध्यान देने की बात है कि यह स्टडी सीमित मरीजों और एक ही सेंटर तक सीमित थी।

डॉक्टरों का कहना
डॉक्टरों का कहना है कि धूप मुफ्त, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध है। अगर बड़े स्तर पर होने वाले अध्ययन भी इसी तरह के नतीजे दिखाते हैं, तो यह घर पर रिकवरी कर रहे मरीजों और उन इलाकों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है, जहां रिहैबिलिटेशन सुविधाएं सीमित हैं।
स्ट्रोक मरीजों के लिए रोजाना 30 मिनट धूप लेना एक आसान, सुरक्षित और असरदार तरीका हो सकता है। यह स्टडी बताती है कि छोटे-छोटे उपाय भी रिकवरी में बड़ा फर्क ला सकते हैं।

