आखिर पंजाबी दुल्हन क्यों पहनती है चूड़ा और कलीरें? (Pics)

punjabkesari.in Saturday, Aug 06, 2016 - 02:47 PM (IST)

शादी किसी भी कपल की लाइफ का सबसे खूबसूरत पल होता है। शादी से जहां दो दिल मिलते है वहीं दो परिवारों का मेल होता है। रिश्तेदारों के आर्शीवाद से दुल्हा-दुल्हन अपनी नई जिंदगी की शुरूआत करते है। भारतीय शादी में कई तरह की रस्में की जाती है। पंजाबी शादी में चूड़ा और कलीरे का बहुत महत्व है। शादी के दिन दुल्हन के घर पर चूड़ा और कलीरे की रस्म की जाती है। आज हम आपको बताते है कि चूड़ा और कलीरे का क्या महत्व होता है।

 

- चूड़ा

 

एक पंजाबी शादी की मिठी और कभी ना भूलने वाली यादों के अलावा सबसे स्पेशल है चूडे की रस्म। इसे दूल्हन के मामा-मामी लेकर आते है। ये 21 चूडियों से बना होता है जोकि लाल और सफेद रंग की होती है। आजकल तो कई तरह के चूडे मार्किट में आए हुए है। आजकल तो लड़कियां इस पर अपना और अपने पति का नाम लिखवाती है।

 

चूड़ा समारोह में हवन किया जाता है इसे पहले चूड़े को कच्ची लस्सी में डाल दिया जाता है। सभी रिश्तेदार चूड़े को हाथ लगाकर अपना आर्शीवाद देते है। इसके बाद इसे लड़की को पहना दिया जाता है और लड़की के हाथों को सफेद कपड़े के साथ बांध दिया जाता है। दुल्हन अपनी शादी तक चूडे को देख नहीं सकती। नई नवेली दुल्हन की पहचान चूडा से ही होती है। 

 

- कलीरे

 

चूडे के साथ अम्ब्रेला-शेप्ड हैंगिंग्स पहनाए जाते है जिसे कलीरे कहा जाता है। दुल्हन की बहनें और दोस्त इसे बांधते हैं । बहनें,रिश्तेदार और दोस्त कलीरे बांध कर दुल्हन को आर्शीवाद देती है कि वह जिंदगी में हमेशा खुश रहें। मार्किट में कलीरे कई तरह के मिलते है। लड़की चूडा और कलीरे पहनकर कुवांरी लड़कियों के सिर पर छनकाती है।

 

माना जाता है कि जिस लड़की के सिर पर कलीरा गिरे तो अगली शादी उसी की होगी। शादी के अगले दिन दुल्हन का एक कलीरा उतार कर मंदिर में चढा दिया जाता है और बाकी कलीरे लड़की अपने पास रखती है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Punjab Kesari

Related News

static