नारी शक्ति: जानिए कौन है मिशन सूर्य की प्रोजेक्ट डायरेक्टर Nigar Shaji जिनके पूरी दुनिया में हो रहे चर्चे
punjabkesari.in Monday, Sep 04, 2023 - 12:54 PM (IST)

भारत की स्पेस एजेंसी इसरो ने अभी कुछ दिन पहले ही अपना मिशन चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक पूरा किया है। वहीं अब इसरो का दूसरा ड्रीम प्रोजेक्ट आदित्य एल1 भी सूर्य की ओर श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से शनिवार को लॉन्च हो गया। इसरो के सारे वैज्ञानिकों ने इस मिशन को सफल बनाने में काफी मेहनत की है। खास बात है कि मिशन मून की तरह ही सूर्य मिशन में भी नारी शक्ति का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला है, जिनका नाम है निगार शाजी। तमिलनाडु की निगार शाजी लगभग 35 साल से इसरो में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वैज्ञानिक निगार शाजी भारतीय रिमोट सेंसिंग, संचार और इंटर प्लेनेटरी सैटेलाइट प्रोगाम में कई तरह की जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। उन्होंने साल 1987 में इसरो के सैटैलाइट सेंटर को जॉइन किया था।
कौन है निगार शाजी?
बता दें कि निगार शाजी मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली हैं। चेन्नई से 55 किलोमीटर दूर तेन्काशी की वो रहने वाली हैं। निगार शाजी तमिलनाडु के उन वैज्ञानिकों की कतार में शामिल हैं जिन्होंने चंद्रयान के तीनों मिशन में अहम योगदान दिया। इस लिस्ट में निगार शाजी, मयिलसामी अन्नादुराई, पी वीरुमुथुवेल और एम वनिता का नाम भी शामिल है।
एसोसिएट प्रोजेक्टर डायरेक्टर रह चुकी हैं शाजी
इससे पहले शाजी रिसोर्ससैट-2 ए की एसोसिएट प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी रह चुकी हैं। ये नेशनल रिसोर्स मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट के लिए भारतीय रिमोट सेंसिंग उहग्रह है। उन्होंने इमेज कम्प्रेशन, सिस्टम इंजीनियरिंग समेत अन्य विषयों पर कई रिसर्च लेटर लिखे हैं।
निगार शाजी की पढ़ाई
किसान परिवार से आने वाली निगार शाजी का गृहनगर तमिलनाडु के थेनकासी जिले का सेनगोट्टई कस्बा है। शाजी पढ़ने में तेजी थी, उन्होंने 10 जिले और 12 वीं कक्षा की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की और टॉप भी किया। निगार शाजी ने मदुरै की कामराज यूनिवर्सिटी से बीई की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा रांची से पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया। वो निगार शाजी बेंगलुरु में इसरो के उपग्रह टेलीमेट्री सेंटर की चीफ भी रह चुकी हैं। गौरतलब है कि सूर्य मिशन आदित्य एल1 में निगार शाजी बड़ी भूमिका निभाई है। आदित्य एल1 सूर्य की स्टडी करेगा। आदित्य के लॉन्च होते ही भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया जिन्होंने सूर्य के अध्य्यन के लिए सैटेलाइट लॉन्च किया है।