मेनोपॉज से जुड़ी ये बातें हर महिला को पता होनी चाहिए

Monday, July 10, 2017 10:09 AM
मेनोपॉज से जुड़ी ये बातें हर महिला को पता होनी चाहिए

पंजाब केसरी (पेरेंटिंग): उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के हॉर्मोन में बदलाव आता रहता है। इस स्थिति में गर्भाधारण की क्षमता कम होने लगती है। आमतौर पर यह समस्या 40 की उम्र की महिलाओं में देखने को मिलती है। इसके अलावा कुछ महिलाओं में यह समस्या 50 या 60 की उम्र में होती है। यह प्रॉबल्म किसी एक महिला को नहीं बल्कि सभी महिलाओं को हो सकती है। यह एक नैचुरल प्रोसेस है, जिससे धीरे-धीरे पीरियड्स आना बंद हो जाते है। अगर आपको लगातार सालभर पीरियड्स न आए तो यह मेनोपॉज होता है। 

 

जब यह समस्या होती है तो महिलाओं में चिड़चिड़ापन, थकान, कमजोरी, वेजाइनल ड्राइनेस, शरीर का वजन बढ़ना, नींद आना, बदन में रहना आदि प्रॉबल्म होती है। ऐसी स्थिति में महिलाओं के मेंटली सपोर्ट और डॉक्टरी इलाज की जरूरत होती है। इस समस्या में कमजोरी के कारण शरीर टूटने लगता है। ऐसे में आयरन, फाइबर से भरपूर फूड्स, ग्रीन टी, हरी सब्जियां आदि खानी चाहिए। ध्यान रखें कि खाने में तेल, शक्कर, नम को कम कर दें।

 

मेनोपोज़ के लक्षण

- गर्भाधारण की क्षमता कम 
- बालों का पतला होना या बालों का गिरना
- ह्रदय धड़कन तेज़ होना
- जोड़ों का दर्द
- योनि का सूखापन 
- भूल जाना बहुत ज्यादा पसीना आना
- स्तनों का ढीला होना और उनमें दर्द होना.
- शारीरिक संबंधों के प्रति रूचि कम होना
- चिड़चिड़ापन आना
- कमजोरी के कारण थकावट 
- पाचनशक्ति कमजोर होना
- लगाकार कब्ज की समस्या 
- मानसिक तनाव


इन बातों पर करें गौर 


- हर रोज 30 मिनट तक व्यायाम करें। इससे हार्मोन असंतुलन सही होगा । 
- धूम्रपान से दूर रहे क्योंकि इससे रक्तचाप बढ़ता है, जिससे दिल की समस्या ज्यादा हो सकती है।
- रोज अच्छी नींद जरूर लें। इससे शरीर अच्छा महसूस करेगा।
- अपने वजन को संतुलित रखें। ऐसी चीजों का सेवन करें, जो वजन को बढ़ने से रोकती है। 
- आहार में कैल्शियम की अधिक मात्रा लें। इसके अलावा केला, पालक और नट्स का सेवन भी करें। 
- किसी भी तरह की सप्लीमेंट या मल्टीविटामिन लेने से पहले डॉक्टर अच्छी तरह सलाह जरूर लें। 

 



विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !