Premature बच्चों को करना पड़ता है इन समस्याओं का सामना

Thursday, June 8, 2017 1:11 PM
Premature बच्चों को करना पड़ता है इन समस्याओं का सामना

पंजाब केसरी(पेरेंटिंग) : बच्चे के गर्भ में रहने का समय 9 महीेने का होता है लेकिन कई बच्चे समय से पहले पैदा हो जाते हैं। एेसे बच्चों को प्रीमैच्योर बेबी कहा जाता है। एेसे बच्चों को ज्यादा देखभाल की जरुरत होती है। प्री मैच्योर बेबी को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइए जानिए कि इन बच्चों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

1. रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कम होना
समय से पहले जन्म होने वाले बच्चों का वजन कम होता है। एेसे में इनमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम होती है। जिस कारण मौसम में जरा से बदलाव होने से ही बच्चे बीमार पड जाते हैं।  

2. दिमागी क्षमता कमजोर
एेसे बच्चे शरीर से तो कमजोर होते ही है साथ ही इनके दिमाग के विकास पर भी असर पड़ता है और इनकी दिमागी क्षमता कमजोर होती है। एेसे बच्चे की स्मरण शक्ति कम हो जाती है। कई बार तो इसका पता 8 वर्ष की आयु में चलता है।

3. मानसिक बीमारी
एेसे बच्चों को कुछ समय बाद मानसिक बीमारी भी हो सकती है जैसे द्विध्रुवी विकार, मानसिक अवसाद और मनोविकार। एेसे बच्चों को ज्यादा देखभाल की जरुरत होती है।
 



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