इंडियन पेरेंट्स का 'Emotional अत्याचार', कहीं अाप भी इस कैटेगरी में ताे नहीं?

punjabkesari.in Saturday, Aug 12, 2017 - 03:22 PM (IST)

भारत में बच्चों की शादी की उम्र होते ही माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है। उनके दिमाग में एक ही बात चलती है कि बस उनके बेटे या बेटी की शादी हो जाएऔर उन्हें एक अच्छी बहू या दामाद मिल जाए। आजकल के बच्चे शादी के लिए कहां जल्दी तैयार होते हैं। इसलिए भारतीय पैरेंट्स उन्हें मनाने के लिए हर संभव तरीके से इमोशनल ब्लैकमेल करते हैं, ताकि वह हां कर दें। आईए जानते हैं किस तरह बच्चों को शादी के लिए ब्लैकमेल करते हैं भारतीय पैरेंट्स:-

परफेक्ट डायलॉग:-

- ‘जब हम तुम्हारी उम्र के थे’, पैरेट्स बड़े ही टिपकिल अंदाज में बच्चों को यह डायलॉग मारते हैं।

- लोग क्या कहेंगे? पैरेट्स का ये डायलॉग किसी रामबाण से कम नहीं होता, जो सीधा बच्चों के दिल में उतरता है।

-  ‘हम तुम्हारे लिए बेस्ट ही चुनेंगे’, पैरेट्स बच्चों को अहसास दिलाने की कोशिश करते हैं कि वह ही उनके लिए सही पार्टनर ढूंढ सकते हैं। 

- ‘तुम्हारी दादी की यही अंतिम इच्छा है’, यह ऐसा इमोशनल डायलॉग है, जिसके सामने बच्चे भी कुछ नहीं कह पाते।

- ‘यही सही समय हैं’, पैरेट्स का कहना होता है कि उनके बच्चे जितना जल्दी अपनी फैमिली बना ले, उतना अच्छा है। 

- अपने दोस्तों को देखो, उन्होंने भी तो शादी कर ली है, तो तुम्हें क्या समस्या है?

- हम भी तो अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते हैं।

- अगर तुम्हारी ज्यादा उम्र हो गई, तो तुम्हें कोई ढंग की लड़की या लड़का नहीं मिलेगा।

- जितना लेट शादी करोगे, बच्चों के समय उतनी ही मुश्किलें आएगी।

- तुम शादी नहीं करोगे, तो क्या तुम्हारे भाई-बहन कुंवारे बैठे रहेंगे।


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