Women's Day Special: हर महिला को पता होने चाहिए ये 10 कानून

Thursday, March 8, 2018 11:36 AM
Women's Day Special: हर महिला को पता होने चाहिए ये 10 कानून

आज के समय में ज्यादातर महिलाएं इंडिपेंडेंट जॉब करती हैं। कुछ महिलाएं तो अपने ऑफिस के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों को भी अच्छी तरह निभाती है। आज महिलाएं भी पुरूषों की तरह अपने करियर को लेकर मेहनत कर रही और आगे बढ़ रही। इसके बावजूद भी उन्हें मानसिक, शारीरिक और यौन उत्पीड़न, स्त्री द्वेष और लिंग असमानता जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को अपने अधिकारों का पता होना बहुत जरूरी है। आज वुमन्स डे के इस खास मौके पर हम आपको भारतीय कानून द्वारा दिए कुछ अधिकारों के बारे में बताने जा रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाएं गए ये कानून महिलाओं को पता होने बहुत जरूरी है। तो चलिए इस वुमन्स डे के मौके पर जानें महिलाओं को मिलें कुछ अधिकार।
 

महिलाएं जानें अपने अधिकार
1. समान वेतन का अधिकार
भारतीय कानून के अनुसार महिलाओं के साथ काम को लेकर लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता। ऐसा करने वाले को जुमार्ना देना पड़ता है।
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2. ऑफिस में हुए उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार
ऑफिस में हुए यौन उत्पीड़न अधिनियम के अनुसार महिलाओं को रिपोर्ट दर्ज करवाने का पूरा अधिकार है, जिसके बाद फोरन उस इंसान पर कार्यवाही की जाती है। इसके अलावा अपनी पहचान को गोपनीय रखने के लिए वो किसी महिला पुलिस अधिकारी को अकेले बयान दे सकती है।
 

3. घरेलू हिंसा
एक अधिनियम के अनुसार अगर घर में किसी भी महिला के साथ घरेलू हिंसा हो रही तो आप या आपकी ओर इसकी शिकायत भी दर्ज करा सकता है।
 

4. मातृत्व संबंधी अधिकार
कामकाजी महिलाओं के लिए भारत सरकार ने यह कानून बनाया है कि प्रसव के बाद 3 महीने तक महिला के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। इसके अलावा वो अपना काम घर से भी शुरू कर सकती है।
 

5. मान-सम्मान का अधिकार
भारतीय कानून के अनुसार अगर कोई महिलाओं के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसपर भी सख्त कार्यवाही की जाती है। भारतीय कानून के अनुसार हर महिला को उसके सम्मान का पूरा अधिकार है, फिर चाहे वो किसी भी धर्म या कंट्री से हो।

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6. बलात्कार की शिकार महिला को मुफ्त कानूनी मदद
भारतीय कानून के अनुसार बलात्कार की शिकार हुई किसी भी महिला को मुफ्त कानूनी मदद का पूरा अधिकार है। स्टेशन हाउस आफिसर को उस महिला के लिए LSA के मुताबिक वकील की व्यवस्था करके देनी होगी। अगर उस महिला के साथ किसी भी कारण से इंसाफ नहीं किया जाता तो उनके इंसान के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाती है।
 

7. रात में गिरफ्तार न होना
पुलिस किसी भी महिला को सूरज डूबने के बाद और सूरज उगने से पहले गिरफ्तार नहीं कर सकती हैं। ऐसा करने के लिए स्टेशन हाउस ऑफिसर को एक प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट से मंजूरी लेनी होगी।
 

8. आरोपी महिला को गरिमा का अधिकार
जुर्म चाहे जो भी हो हर महिला को अधिकार है कि उसकी कार्यवाही कोई महिला पुलिस अफसर ही करें। किसी भी जांच या चिकित्सा प्रक्रिया में महिला पुलिस अफसर का होना जरूरी है।
 

9. संपत्ति पर अधिकार
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार महिलाओं को भी पुरूषों के सामान प्राप्टी में हिस्सा दिया जाएगा। किसी भी पुश्तैनी संपत्ति पर महिला और पुरुष दोनों का बराबर हक होता हैं।
 

10. कन्या भ्रूण हत्या
गर्भधारण और प्रसव से पहले लिंग जांच करवाना जुर्म हैं। अगर कोई भी ऐसा करवाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जाएगी और उस डॉक्टर का लाइसेंस भी कैंसल किया जाएगा।

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