एसिडिटी से परेशान है तो अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपचार

Wednesday, September 13, 2017 11:29 AM
एसिडिटी से परेशान है तो अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपचार

अधिकर लोग खाना खाने के बाद बिस्तर पर लेट जाते हैं, जिससे खाना ठीक से नहीं पचता और कई तरह की प्रॉबल्म हो जाती है। दरअसल, हमारी पाचन क्रिया पेट में ऐसे  एसिड का स्त्राव करती है जो पाचन को दुरूस्त बनाएं रखता है। अगर यह एसिड आवश्यकता से अधिक बनने लगे तो पेट संबंधी कई परेशानियां हो सकती है। इतना ही नहीं, एसिडिटी की समस्या आ सकती है। अगर पेट में एसिड बनने लगे तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वैसे तो एसिडिटी के कई कारण हो सकते है। हम आपको उन्हीं कारणों के बारे में बताएंगे, जिनको पहचानकर आप इसका इलाज शुरू कर सकते है। 

एसिडिटी के कारण

- खान-पान में अनियमितता
- खाना ठीक से न पचना
- पर्याप्त पानी न पीना
-  मसालेदार और जंक फ़ूड 
- तनावग्रस्त होना
- धूम्रपान
- अधिक समय तक भूखे रहना 

एसिडिटी के जरूरी लक्षण 
- पेट में जलन 
- सीने में जलन,
- मितली का एहसास
- खट्टी डकार आना,
- भूख कम लगना 


एसिडिटी के आयुर्वेदिक उपचार
-इलायची

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अगर सीने में जलन होने लगे तो इलायची का सेवन करें। इससे काफी फायदा मिलेगा। 

-अदरक का रस
अदरक के रस में नींबू और शहद मिलाकर पीएं। इससे पेट की जलन दूर होगी और एसिडिटी की समस्या गायब। 

- सौंफ
सौंफ को काफी गुणकारी माना जाता है। वैसे भी खाना खाने के बाद अगर सौंफ का सेवन किया जाए तो वह अच्छे से पच जाता है। इससे पेट की जलन भी दूर होती है। बच्चों के लिए भी सौंफ फायदेमंद है।

- अश्वगंधा

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अगर आपको भूख न लगने और पेट में जलन रहती है तो  अश्वगंधा का सेवन करें। इससे काफी हद तक फायदा मिलेगा। 

- चंदन

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चंदन का इस्तेमाल एसिडिटी के उपचार के लिए सदियों से किया जा रहा है। पेट में गैस बनने की प्रॉबल्म है तो चंदन का इस्तेमाल करें। इससे ठंडक मिलेगी और पेट की जलन, दस्त और पेटे की गड़बड़ी ठीक रहेगी। 

- हरड़
एसिडिटी और सीने की जलन हो तो दवाइयां खाने के बजाएं हरड़ का सेवन करें। काफी फायदा मिलेगा। 
 



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