सावन व्रत से शिव को करें प्रसन्न और सेहत का भी रखें ख्याल

Friday, July 14, 2017 3:55 PM
सावन व्रत से शिव को करें प्रसन्न और सेहत का भी रखें ख्याल

सावन का महीना शुरू हो गया है। इस महीने को भगवान शिव का महीना भी कहा जाता है। इस माह में लोग सोमवार के दिन व्रत करते हैं। कुछ लोग पूर्णमासी तो कुछ सक्रांति से सावन के पहले व्रत की शुरूआत करते हैं। संक्रान्ति से शुरू होने वाले का समाप्न अगली संक्रान्ति को होता है और पूर्णमासी से शुरू किए गए व्रत पूर्णमासी तक चलते हैं। कहा जाता है कि इस महीने में रखे जाने वाले 5 व्रत का फल 16 सोमवार व्रत जितना मिलता है। वहीं कुछ लोग इसी माह से सोलह सोमवार उपवास रखने शुरू करते हैं। सावन माह में मंगलवार का दिन भी काफी शुभ माना जाता है। इस दिन मां पार्वती के लिए व्रत रखा जाता है, जिसे मंगल गौरी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। 

शिव का महीना सावन
शिव के सावन महीना प्रिय होने से जुड़ी  कई पौराणिक कथाएं भी प्रचलित हैं। सावन का महीना शिवजी का माह होता है क्योंकि सोमवार के स्वामी भगवान शंकर हैं इसलिए सावन के महीने में सोमवार के दिन उनकी पूजा करने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं इसी के साथ मान्यता यह भी है कि इस महीने में सबसे ज्यादा वर्षा होती है और अधिक वर्षा शिवजी के विष से गर्म शरीर को ठंडक प्रदान करती है। एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, सावन के महीने में भगवान शिव जी ने समुद्र मंथन से निकला विष पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। यहीं कारण है कि इस महीने को शिव जी का प्रिय महीना माना जाता है।

क्यों रखा जाता है व्रत?
इस व्रत को रखने के पीछे की मान्यता यह है कि यह महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय होता है और सोमवार के दिन शिव की पूजा करने से वह प्रसन्न होकर मनोकामना भी जल्दी पूरी करते हैं। यह भी कहा जाता है कि देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए इसी महीने कठोर व्रत रखा था। उनकी इसी पूजा को देखकर भगवान शिव ने मां पार्वती से विवाह कर लिया था। लड़कियां भी यह व्रत इसलिए करती हैं, उन्हें मनचाहा वर मिल सके। 

सावन के व्रत में रखें सेहत का ख्याल
इस व्रत को बहुत लोग रखते हैं। कुछ लोग कामकाजी होने के कारण फास्टिंग के दिनों में अपनी सेहत का सही तरीके से ध्यान नहीं रख पाते। आप भी व्रत करना चाहते हैं तो  पहले से ही अपनी सेहत का ख्याल रखना शुरू कर दें। इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले मानसिक तौर पर खुद को फिट रखने की कोशिश करें। तनाव से जितना दूर रहेंगे, उतनी आसानी से ही व्रत कर पाएंगे। 

व्रत से पहले खाएं ये डाइट
व्रत रखने से एक दिन पहले ही अपनी डाइट का ख्याल रखना शुरू कर दें। फल, जूस, दलिया या फिर सूप भी बैस्ट है। इसके साथ आप ड्राई फ्रूट भी खाए। इसे आप व्रत से पहले और व्रत में भी खा सकते हैं क्योंकि इनके सेवन के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती और बॉडी मेेेें एनर्जी बनी रहती है। रात के खाने में हल्का-फुल्का खाना, दाल या खिचड़ी खाएं। 

हैवी चीजों का न करें सेवन
व्रत में हैवी डाइट न लें, शाकाहारी खाने के चक्कर में ज्यादा पनीर और दूध पीने की निर्भर रहे। प्रोटीन का ज्यादा सेवन भी स्वास्थ पर बुरा असर डाल सकता है। न्यूट्रिशियंस का पूरा ध्यान रखें। फल भी खाएं। बिना नमक के नींबू पानी भी फायदेमंद रहता है। 

खूब पीएं पानी
पानी पीने से बॉडी में एनर्जी बनी रहती है। खाली पेट रहने से अच्छा है कि फलों के जूस का सेवन करें। इससे उर्जा भी बने रहेगी और भूख भी नहीं लगेगी। लंबे समय तक भूखे रहने से गैस व अपच की समस्या हो जाती है। अगर आप थोड़े-थोड़े अंतराल के बीच पानी पीएंगे तो गैस की समस्या नहीं हो पाएंगी। 

 

 

- वंदना डालिया

 

 



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